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गोल्ड मेडल विजेता ए बीना देवी मछली बेचने को मजूबर, कहा-मदद मिले तो आज भी ला सकती हूं पदक

भारत के लिए कई पदक जीत चुकी एक खिलाड़ी आजकल मुफलिसी में जीने को मजबूर है। आज भी अपने प्रतिभा के बल पदक जीतने का दावा करने वाली ये खिलाड़ी पति के मौत के बाद तो इस कदर मुश्किल में आई की उसे मछली बेचना पड़ा रहा है। इस महिला खिलाड़ी ने कहा है कि अगर सरकार की तरफ से मदद मिले तो वो आज भी भारत के लिए पदकों की लाइन लगा सकती है।

मणिपुर की कुंग-फू खिलाड़ी अंगोम बीना देवी का नाम आपने सुना होगा। बीना देवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं की चैंपियन रह चुकी हैं। उनकी परिवारिक पृष्ठभूमि सशक्त नहीं है। वर्ष 2009 में अपने पति के निधन के बाद से वह कुंगफू का अभ्यास कर रही थीं। उन्होंने कड़ी मेहनत करते हुए कुंगफू चैंपियनशिप के लिए तैयारी की। अब तक उन्होंने कई गोल्ड जीते। विदेशों में खूब तिरंगा लहराया है।

कुंग फू स्टार अंगोम बीना देवी अपनी कई उपलब्धियों के बावजूद गरीबी में ही जी रही हैं। गरीबी की रेखा वो पार ही नहीं कर पा रहीं। इन दिनों वह मछलियां बेचती हैं।

सरकार से मांगी मदद

आपको बता दें कि अंगोम बीना देवी 3 बच्चों की मां भी हैं। वो कहती हैं कि, मेरा सपना तो था देश के लिए खेलना, और जीतना। मगर..मैं अपनी आर्थिक तंगी से मजबूर हूं। यदि मेरी ये समस्या दूर हो जाए तो अब भी अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहती हैं। मैं चाहती हूं कि सरकार कुछ मदद करे। बीना देवी ने कुछ लोगों की सलाह पर, अब मणिपुर सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, सरकार हमारी किसी भी तरह की मदद नहीं कर रही है। यहां तक कि जब मैंने इंटरनेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया तो भी 20-30 हजार रुपए मुझे ही खर्च करने पड़े। वो रकम मैंने जैसे-तैसे जुटाई थी।

पति की मौत के बाद मुसीबत बढ़ी

बीना ने बताया कि, “मैंने नेशनल लेवल पर 7 गोल्ड मेडल जीते हैं और स्टेट लेवल पर भी 5 गोल्ड मेडल जीत चुकी हूं। मैंने अपने पति को खो दिया। उनके निधन के बाद मैं अपने माता-पिता के घर आ गई। फिर भी मैंने जी-तोड़ अभ्यास करते हुए कुंग फू की इंटरनेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। तीन गोल्ड मेडल जीते।फर्स्ट साउथ एशियन वुशु चैंपियनशिप 2018 में भी मेडल जीत चुकी हूं।”

युवाओं को दे सकती हैं ट्रेनिंग

अंगोम बीना देवी ने कहा, “यदि सरकार से आर्थिक मदद मिलती है तो मैं अपने यहां के युवाओं को भी कुंग फू की तैयारी करवाउूंगी। मैं यह कह रहीं हूं कि, मेरी खेलों के प्रति बहुत रुचि है, ये मेरे जीवन का हिस्सा हैं। मुझे देश के लिए अभी और खेलना है।”

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