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माणिक साहा होंगे त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री, बिप्लब देब का इस्तीफा, जानिए BJP ने क्यों बदला CM

माणिक साहा त्रिपुरा के अगले मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल की बैठक में सीएम पद के लिए माणिक का नाम तय किया गया है। बिप्लब देब ने शनिवार शाम 4:30 बजे इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के बाद बिप्लब ने कहा, 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी करनी है। यह भी बोले कि इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत भी हो चुकी है।

सूत्रों का कहना है कि बिप्लब त्रिपुरा BJP अध्यक्ष बन सकते हैं।बिप्लब देब ने एक दिन पहले ही गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस दौरान अमित शाह ने यह साफ कर दिया था कि वे चुनाव में नए चेहरे के साथ उतरना चाहते हैं। बिप्लब देब ने माणिक साहा को त्रिपुरा बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने की बधाई दी। वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को त्रिपुरा में पर्यवेक्षक बनाया गया है।

पार्टी का फैसला सर्वोपरि

बिप्लब देब  ने मीडिया से कहा कि उनके लिए पार्टी का फैसला सर्वोपरि है। आलाकमान के कहने पर उन्होंने अपना पद छोड़ दिया है। मेरे जैसे कार्यकर्ता को संगठन के लिए काम करने की जरूरत है। बिप्लब देब ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता बीजेपी को फिर से सत्ता में लाना है। हमें त्रिपुरा में लंबे समय तक भाजपा को सत्ता में बनाए रखने की जरूरत है। जब तक हमारे पास एक मजबूत संगठन है। हम सरकार में हैं और यह सबसे महत्वपूर्ण है।

बिप्लब कुमार देब ने ट्वीट कर कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में त्रिपुरा की सेवा करने की जिम्मेदारी देने पर मैं केंद्रीय नेतृत्व और त्रिपुरा के लोगों को धन्यवाद देता हूं। मैंने दिल से राज्य की सेवा की है और हमेशा राज्य की बेहतरी के लिए काम करता रहूंगा।

बिप्लब देब को लेकर थी नाराजगी

बिप्लब देब को लेकर संगठन में नाराजगी बढ़ रही थी। दो विधायकों ने पार्टी भी छोड़ दी थी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उनके खिलाफ लगातार दिल्ली में शिकायतें की जा रही थीं। वहीं बीजेपी आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी।

2023 में होने हैं विधानसभा चुनाव

बिप्लव देब 2018 में सीएम बने थे। अगले साल 2023 में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। गुजरात की तर्ज पर त्रिपुरा में मंत्री से लेकर संगठन तक में बड़े फेरबदल हो सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा ने पार्टी को मजबूत करने के लिए नये चेहरे को राज्य की कमान सौंपने का फैसला लिया है।

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