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दिल्ली में भीषण अग्निकांड, 27 शव मिले, करीब 30 लोग लापता, जान बचाने दूसरी मंजिल से कूदे लोग

दिल्ली के मुंडका में शुक्रवार शाम हुए भीषण अग्निकांड में काफी लोगों के मारे जाने की आशंका है। 27 शव अब-तक निकाले गए हैं और करीब 30 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। बरामद शवों में से 25 की पहचान कर ली गई है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी समीर शर्मा ने कहा कि घटना स्थल पर राहत और बचाव का काम अभी जारी है।

एनडीआरएफ अभी घटनास्थल पर जांच कर यह सुनिश्चित कर रही है कि कहीं कोई और शव तो नहीं है। शवों के पहचानना मुश्किल हो रहा है। फोरेंसिक टीम डीएनए सैंपल की जांच कर रही है।

कंपनी के दो मालिक गिरफ्तार

मामले में दिल्ली पुलिस ने कंपनी के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनकी पहचान हरीश गोयल और वरुण गोयल के रूप में हुई है। अग्निकांड में इन दोनों के पिता की भी मौत हो गई है। इस बीच, टॉप फ्लोर पर रहने वाले बिल्डिंग के मालिक मनीष लाकड़ा फरार बताया जा रहा है। पुलिस यह जानने में जुटी है, कि घटना के वक्त वह इमारत में मौजूद था या नहीं।

आग लगने के बाद कूदे लोग

आग शाम 4 बजे के करीब सबसे पहले पहली मंजिल पर लगी। पहली मंजिल पर सीसीटीवी और राउटर बनाने वाली कंपनी मौजूद थी। शुक्रवार की शाम जब आग लगी तब ज्यादातर लोग दूसरी मंजिल पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि पूरी बिल्डिंग में सैकड़ों लोग मौजद थे।

कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदते दिखे तो कई लोग रस्सियों के सहारे इमारत से नीचे आते दिखाई दिए। आरोप है कि कंपनी में काम करने वालों का मोबाइल फोन बाहर रखवा लिया जाता है। अगर मोबाइल फोन होता तो लोग तुरंत सूचना दे देते और कई लोगों को बचा लिया जाता। कंपनी में काम करने वाले लोगों के परिवार को रो-रोकर बुरा हाल है।

एक व्यक्ति ने कहा, ‘हम अपनी रिश्तेदार को ढूंढने एक से दूसरे अस्पतालों के बीच भाग-दौड़ कर रहे थे। किसी ने उसके बारे में कुछ नहीं बताया। पुलिस वालों ने भी हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने किसी तरह की सूचना से इनकार कर दिया। पुलिस वालों ने कहा कि अब एक ही रास्ता बचा है कि मृतकों की पहचान की जाए।’

हादसा तो तय थास्थानीय लोग

स्थानीय लोगों ने कहा कि वहां अवैध रूप से बिल्डिंगें बनाई गई हैं। उन्हें देखकर सबको अंदाजा था कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार आग की छोटी-छोटी घटनाएं हुईं, लेकिन तब हंगामा नहीं बरपा और बात को दबा दिया जाता।

उनका कहना है कि अधिकारियों और बिल्डरों के बीच ऐसा नेक्सस है कि सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर बिल्डिंगें बनाने की अनुमति मिल जाती है। मुंडका की आग के कारण रोहतक रोड पर ट्रैफिक का संचालन भी प्रभावित हुआ। उधर से तीन घंटे तक आवाजाही बंद कर दी गई और बाद में एक तरफ का रास्ता खोला गया।

100 दमकल कर्मियों ने चलाया राहत अभियान

दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने कहा, ’30 से ज्यादा दमकल वाहन और 100 से ज्यादा कर्मचारी मौके पर भेजे गए थे। ऐसा लगता है कि बिल्डिंग में ज्वलनशील पदार्थ इकट्ठा किए गए थे। इस कारण आग तेजी से फैल गई।

अधिकांश शव पूरी तरह जले हुए थे।’ उधर, राष्ट्रीय आपदा विमोचन बल (NDRF) की एक टीम भी देर रात मौके पर पहुंची और राहत कार्यों को अंजाम दिया। बाद में कूलिंग ऑपरेशन भी शुरू किया गया। पुलिस ने बताया कि एक विशेष सूचना केंद्र बना दिया गया है ताकि लोगों को उनके परिजनों, रिश्तेदारों, दोस्तों के बारे में जानकारी दी जा सके।

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