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रिटायर्ड कर्नल पिता ने मां की तरह प्रिग्नेंसी और बच्चा होने तक बेटी का रखा ख्याल, हर तरफ तारीफ

क्या आप सोच सकते हैं एक पिता अपनी प्रेग्नेंट बेटी का उस तरह ख्याल रख सकता है जैसे एक मां अपनी बेटी का रखती है। सामान्यत: पिता सिर्फ ऊपरी सहयोग के अलावा कुछ नहीं करता। लेकिन एक रिटायर्ड कर्नल पिता ने वो कर दिखाया जो एक मां ही करती है।

मां की कमी नहीं खलने दी

रिटायर्ड कर्नल संजय पांडे ने अपनी पत्नी की मौत के बाद अपनी बेटी के लिए मां की जगह भरने के लिए ऐसा काम किया है। जिसे जानकर हर कोई उनकी प्रशंसा कर रहा है। संजय पांडे ने अपनी ये भावुक स्टोरी ट्विटर पर शेयर की है। रिटायर्ड कर्नल संजय पांडेय ने लिखा कि उनकी पत्‍नी की मौत हो गई थी।

इसके ठीक एक साल बाद उनकी बेटी ने बताया- ‘मैं प्रेग्‍नेंट हूं और आप नाना बनने वाले हैं।’ चूंकि प्रेग्‍नेंसी के दिनों में आमतौर पर मां बेटी का खूब ख्‍याल रखती हैं। बतौर एक पिता मैं अकेला उसके प्रेग्नेंसी के दिनों में यूजलैस ही हूं। जैसे प्रेग्नेंसी से पहले उसकी मदद करना, मैं तो एक फाइटर हूं।’ इस दौरान उनकी बेटी विदेश में रह रही थी

बेटी के लिए बनाया पौष्टिक लड्डू

संजय पांडे ने लिखा कि, जिस दिन मुझे पता चला मैंने उस दिन से ही अपनी बेटी की मां बनने का निर्णय ले लिया था। मैंने उसकी डाइट प्लान की। यूट्यूब, बुजुर्गों और किताबों के साथ इसके बारे में जानकारी ली। रात-रात भर जागकर रिसर्च की। 30 दिनों के लिए लड्डू का पहला बैच तैयार हो गया था। पर दिक्कत थी दिल्ली और यूके के बीच की दूरी।’

लड्डुओं को ब्रिटेन भेजा

कर्नल ने बताया कि, दिल्ली से यूके लड्डू भेजने की उन्होंने वैक्यूम पैकिंग मशीन, फूड ग्रेड प्लास्टिक जैसी आवश्यक चीजे जुटाईं। लड्डू खराब ना हो इसके लिए उन्हें 96 घंटे फ्रिज में रखा गया था। इसके बाद उन्होंने ये लड्डू यूके भेज दिए। यह लड्डू उनकी बेटी के लिए काफी पौष्टिक साबित हुए। 15 दिनों के बाद उन्होंने दूसरी तरह के लड्डू बनाकर तैयार कर लिए, जोकि 21वें दिन डिस्पैच हुए।

कर्नल ने बताया कि, इसके बाद ये सिलसिला शुरू हुआ। हर प्रकार का स्वस्थ्यवर्धक और पौष्टिक भोजन जो एक पारंपरिक भारतीय मां अपनी बेटी को देती है, वह मेरे द्वारा व्यक्तिगत रूप से बनाए गए थे। स्वच्छता, पोषक तत्वों की गणना, कैलोरी, लड्डू का वजन, भंडारण तकनीक आदि सभी को सावधानीपूर्वक लिखा गया था। मैंने उसे आठवें महीने तक तरह तरह के पोषक खाने की चीजें भेजीं। कोविड के कारण वो अपनी बेटी के पास नहीं जा पा रहा थे।

डिलिवरी के बाद फिर हुए एक्टिव

कर्नल ने बताया कि, बेटी की पोस्ट प्रेग्नेंसी का टाइम आया, तो उन्हें फिर से रिसर्च करनी शुरू कर दी। जिसके तहत वे खाद्य पदार्थ और सुपरफूड जो स्तनपान कराने या दूध बढ़ाने आदि में मदद करते हो उनका अध्ययन किया।

इसके बाद मैंने पहली खेप अगस्त में भेजी गई। यह सिलसिला हर महीने चलता रहा। इसके बाद में खुद यूके पहुंच गया। जहां मैंने अपनी बेटी के लिए गार्डन क्रेस, एडिबल गम, मेथी, शतावरी जैसे पौष्टिक पदार्थों की खाने की चीजें बनाई।

पौष्टिक लड्डू बनाने में हुए एक्सपर्ट

संजय पांडे ने अपने ट्वीट्स में बताया कि किस तरह से अपनी बेटी का प्रेग्नेंसी के दौरान उन्होंने गर्भवती महिला के लिए लड्डू बनाने में महारत हासिल कर ली। आज वो 12 तरह के ऐसे लड्डू बना लेते हैं जो गर्भवती महिला और उसके बच्चे के लिए काफी जरूरी होते हैं। वो कहते हैं कि उन्हें अपने आप पर गर्व होता है कि उन्होंने अपनी पत्नी की जिम्मेदारी को अच्छे से निभाया। उनकी बेटी ने अपने पिता के सामने यह कसम खाई थी कि वो सिर्फ और सिर्फ वही खाएगी जो उनके पिता उन्हें देंगे।

अब सोशल मीडिया पर यूर्जस कर्नल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनके द्वारा बनाए गए लड्डू और उसकी रेसिपी गर्भवती महिलाओं के लिए काफी लाभप्रद साबित हो सकती है।

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