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11 साल के बच्चे ने प्लेन में अकेले सफर किया, जानिए कितना छोटा बच्चा फ्लाइट में अकेले जा सकता है

रूस यूक्रेन युद्ध की त्रासदी के दौरान 11 साल के अकेले बच्चे की फ्लाइट यात्रा की खबर जब से आई है, तब से लोगों के मन ये सवाल उठ रहा है कि आखिर कितना छोटा बच्चा फ्लाइट में अकेले सफर कर सकता है। 5 साल, 12 साल या 15 साल। आगे इसके बारे में हम आपको विस्तार से बातएंगे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि रूस-यूक्रेन युद्ध  के बीच 11 साल के एक छोटे बच्चे ने अकेले ही 1000 किलोमीटर से ज्यादा का हवाई सफर किया। वो फ्लाइट से अकेले स्लोवाकिया पहुंच गया। इस बच्चे की तस्वीरें काफी वायरल हुई थीं।

बच्चों के हवाई सफर की गाइडलाइन

बच्चों के सफर को लेकर एयरलाइंस ने कई गाइडलाइंस बनाई हैं। आमतौर पर फ्लाइट्स में 5 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे अकेले सफर कर सकते हैं। हालांकि अलग-अलग एयरलाइंस के अपने अलग नियम हैं। लेकिन औसतन 5 साल के बच्चों को फ्लाइट में अकेले सफर करने की अनुमति होती है।

अगर भारत की बात करें तो एयर इंडिया की वेबसाइट के मुताबिक, घरेलू फ्लाइट्स में 5 साल से ज्यादा उम्र के बच्चे अकेले सफर कर सकते हैं। आमतौर पर 12 साल तक अकेले यात्रा करने वाले बच्चों को Unaccompanied Minors माना जाता है। इनके लिए एयर इंडिया एक खास सुविधा मुहैया कराता है।

एयर इंडिया के मुताबिक, एयरलाइन केवल अपनी फ्लाइट्स में ही बच्चों को सफर की अनुमति देता है। अगर सफर में इंटरलाइन यात्रा या ट्रांजिट बिंदु पर शामिल है, तो एयर इंडिया की उड़ानों में यात्रा के लिए अकेले बच्चों को अनुमति नहीं दी जाती हैती

इसके अलावा 7 दिन से ज्यादा उम्र के बच्चों को माता-पिता या अन्य रिश्तेदार के साथ फ्लाइट में सफर करने की अनुमति होती है। 7 महीने से लेकर 2 साल तक के बच्चों को शिशु कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे बच्चों को अलग से सीट नहीं दी जाती। इन बच्चों को फ्लाइट में ले जाने के लिए उनका बर्थ सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होता है।

इसके अलावा 7 दिन से ज्यादा उम्र के बच्चों को फ्लाइट में माता-पिता या अन्य नजदीकी रिश्तेदारों के साथ सफर करने की अनुमति होती है। 7 महीने से लेकर 2 साल तक के बच्चों को  शिशु कैटेगरी में रखा जाता है, इन्हे अलग से सीट नहीं दी जाती। इन बच्चों को फ्लाइट में ले जाने के लिए उनका बर्थ सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य होता है।

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