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दुनिया जान गई है अब सीमा से छेड़छाड़ करने पर अमेरिका, इजराइल की तरह जवाब देता है भारत-अमित शाह

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि भारत अपनी सीमाओं के साथ छेड़छाड़ करने वालों पर अमेरिका और इजराइल की तरह ही पलटवार कर सकता है। उन्होंने पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक की ओर भी इशारा किया। गृह मंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को लचर सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले करते थे तो भारत बयान जारी करता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से चीजों में सुधार हुआ है।

उन्होंने नृपतुंगा विश्वविद्यालय, उसके अकादमिक प्रखंड और अन्य अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा, “पहले केवल दो देश अमेरिका और इजराइल ही उनकी सीमाओं और सेना के साथ छेड़छाड़ होने पर जवाबी कार्रवाई करते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से हमारा महान देश भारत भी इस समूह में शामिल हो गया है।”

अब दुनिया जान गई है कि मुंहतोड़ जवाब मिलेगा

शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उरी में 2016 में और पुलवामा में 2019 में आतंकवादी हमले हुए थे और हमने 10 दिन के अंदर पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कीं। गृह मंत्री ने कहा, “कुछ लोग पूछते हैं कि इन (सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक) का क्या प्रभाव पड़ा। मैं उन्हें बताता हूं कि इसका बड़ा असर हुआ है। अब पूरी दुनिया जानती है कि कोई भी भारतीय सीमा के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकता, अन्यथा मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।”

शाह ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां

शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि अनुच्छेद 370, 35-ए और नागरिकता संशोधन कानून के क्रियान्यन जैसे अनेक मुद्दों का समय रहते समाधान किया गया। उन्होंने कहा, “5 अगस्त, 2019 भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।

लोग कहते थे कि अनुच्छेद 370 समाप्त किया तो खून-खराबा होगा लेकिन किसी की कंकड़ फेंकने की हिम्मत नहीं हुई, खून-खराबे की बात तो छोड़ ही दो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 के प्रावधान समाप्त करके कश्मीर को शेष भारत के साथ जोड़ा है।”

अक्षय तृतीया और 12वीं सदी के प्रसिद्ध समाज सुधारक बसवेश्वर की जयंती के अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए गृह मंत्री ने युवाओं से बसवेश्वर के वचनों का अनुसरण करने को कहा। शाह ने राष्ट्रकुल नरेश अमोघवर्षा नृपतुंगा के कला, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख किया जिनके नाम पर नृपतुंगा विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है।

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