राजनीति

पाकिस्तान की नई मुसीबत: शहबाज की बेगमों में कौन बनेगी फर्स्ट लेडी, 5 शादी कर चुके हैं PM साहब

पाकिस्तान में पिछले कुछ महीनों से चल रहा राजनीतिक संकट तो शहबाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने के बाद खत्म हो गया, लेकिन अब एक नया संकट आ गया है। ये नई मुसीबत ये है कि पीएम शहबाज शरीफ की दोनों बेगमों में पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी कौन बनेगा। खबर आ रही है कि दोनों बेगमों में इस बात को लेकर तकरार शुरू हो गई है जिसे सुलझाना पाकिस्तान और उसके पीएम के लिए कम बड़ी चुनौती नहीं है।

5 शादी कर चुके हैं पीएम साहब

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पांच शादियां कर चुके हैं। हालांकि तीन बीवियों से उनका तलाक हो चुका है, लेकिन दो बीवियां अभी भी उनके साथ रहती हैं। ऐसे में यह साफ नहीं हो पा रहा है कि पाकिस्तान की ‘फर्स्ट लेडी’ कौन होंगी?

पाकिस्तान समेत पूरी दुनिया की नज़र इसपर टिकी हुई है। हालांकि कुछ पाकिस्तानी जानकारों का मानना है कि शहबाज शरीफ की दोनों बेगम बारी-बारी से पाकिस्तान की फर्स्ट लेडी बनेंगी। या फिर फर्स्ट लेडी के रूप में मिलने वाले स्टाफ और सुविधाओं को दोनों के बीच बराबर बांटा जाएगा।

तहमीना दुर्रानी ने चल दी है चाल

पीएम हाउस में शहबाज शरीफ अभी अकेले ही रह रहे हैं। उनके शपथ के दौरान भी दोनों में से कोई भी पत्नी वहां मौजूद नहीं थी। पांच औरतों से शादी कर चुके शहबाज शरीफ फिलहाल तहमीना दुर्रानी और नुसरत शहबाज़ के साथ रहते हैं। बाकी तीन से तलाक हो चुका है। कुछ दिन पहले ही एक इंटरव्यू में तहमीना दुर्रानी ने खुद को फर्स्ट लेडी बताया था।

फर्स्ट लेडी का पद

वैसे फर्स्ट लेडी को हेड ऑफ स्टेट की पत्नी समझ लिया जाता है, लेकिन पत्नी ना होने की स्थिति में राष्ट्रध्यक्ष की कोई भी करीबी महिला रिश्तेदार इस जिम्मेदारी को निभा सकती है। तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थॉमस जेफरसन के समय में उनकी बेटी मार्था जेफरसन फर्स्ट लेडी हुआ करती थीं।

फर्स्ट लेडी की भूमिका

अमेरिका में लंबे समय से फर्स्ट लेडी को अमेरिकी महिलाओं के लिए आदर्श माना जाता रहा है। वैसे दुनिया के ज्यादातर देशों में फर्स्ट लेडी का कोई ऑफिशियल काम नहीं होता है। वो विदेशी दौरों पर राष्ट्रध्यक्ष के साथ रहती हैं। साथ ही देश में जागरूकता अभियानों में वो अपने प्रभाव का इस्तेमाल करती हैं।

जब राजशाही का जमाना था तब राजा की सबसे प्रिय पत्नी को महारानी कहा जाता था। लेकिन लोकतंत्र आने के बाद दुनिया के लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में वहां के निर्वाचित राष्ट्रध्यक्ष को देश का पहला नागरिक माना जाता है और उनकी फीमेल पार्टन को सम्मानजनक पद देने के लिए उन्हें फर्स्ट लेडी कहा जाता है। फर्स्ट लेडी की परंपरा सबसे पहले अमेरिका में शुरू हुई थी।

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