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पटियाला हिंसा का मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना गिरफ्तार, कौन है खतरनाक मंसूबों वाला ये शख्स

पटियाला हिंसा मामले में पंजाब पुलिस को आज बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हिंसा के मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना को गिरफ्तार कर लिया है।पंजाब पुलिस ने रविवार सुबह करीब 7.30 बजे उसे मोहाली से गिरफ्तार किया। वो मुंबई से मोहाली पहुंचा था। बताया जा रहा है कि बरजिंदर सिंह परवाना का आपराधिक बैकग्राउंड है और उसके खिलाफ पहले से ही चार केस दर्ज हैं। पटियाला हिंसा मामले में अबतक 9 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की हैं, इनमें 25 लोगों को नामजद किया गया है।इनमें से हरीश सिंगला, कुलदीप सिंह और दलजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी।

कौन है बरजिंदर सिंह परवाना?

बरजिंदर सिंह परवाना पंजाब के सिख धार्मिक नेताओं में से एक है, जो दमदमी टकसाल जत्था राजपुरा का प्रमुख है। उसकी छवि मुखर नेता के तौर मानी जाती है। अक्सर सिख आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के पक्ष में वीडियो और बयान प्रकाशित करता है। जरनैल सिंह भिंडरावाले को 1980 के दशक में सिख चरमपंथ का जन्मदाता माना जाता है।

टकसाल चलाता है परवाना

1984 में जन्मे बरजिंदर सिंह परवाना ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद दो साल के लिए सिंगापुर चला गया था। वहां से भारत वापस आने के बाद उसने अपना खुद का टकसाल शुरू किया और उपदेशक बन गया। परवाना के सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ज्यादातर आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कंटेंट होते हैं। परवाना ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल में एक तस्वीर भी अपलोड की है, जिसमें उसने आधी बाजू की शर्ट पहनी हुई है, उसकी बांह पर जरनैल सिंह भिंडरावाले का एक टैटू देखा जा सकता है।

पहले से कई केस दर्ज हैं

पिछले साल 8 जुलाई 2021 को मोहाली पुलिस ने बरजिंदर सिंह परवाना को गिरफ्तार किया था। शिवसेना नेता सुधीर सूरी की शिकायत पर उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 505 और 120 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पटियाला रेंज के आईजी मुखविंदर सिंह चिन्ना ने कहा कि उसके खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हैं, जिसके ट्रायल के लिए कोर्ट ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

हिंसा की वजह क्या थी?

बता दें कि सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत पन्नू के विरोध में शुक्रवार को पटियाला में खालिस्तान विरोधी मार्च निकाला जाना था। इसकी जानकारी के बाद सिख संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस बीच शिवसेना (हिंदुस्तान). और सिख संगठनों के बीच हिंसक झड़प हो गई। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि प्रशासन को कर्फ्यू के साथ इंटरनेट सेवा बंद करनी पड़ गई। इस घटना के बाद अफसरों पर गाज भी गिरी। पटियाला आईजी राकेश अग्रवाल को हटाने के बाद सीनियर एसपी और सिटी एसपी को भी हटा दिया गया था।

हिंदू संगठन भी अड़े

हिंदू संगठनों ने घटना को लेकर पटियाला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी. हिंदू संगठनों की ओर से कहा गया कि जब तक घटना में सीधे तौर पर शामिल आरोपियों कीगिरफ्तारी नहीं कर ली जाती, विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद प्रशासन की ओर से हिंदू संगठनों को आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन मिला जिसके बाद संगठन ने अगले 48 घंटे तक के लिए धरना खत्म किया।

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