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अलविदा की नमाज: UP में बिना लाउडस्पीकर मस्जिद के अंदर हुई, राजस्थान में सड़क पर लाउडस्पीकर संग

लाउडस्पीकर और अजान बनाम हनुमान चालीसा विवाद के बीच आज पूरे देश में ईद से पहले अलविदा की नमाज पढ़ी गई। लेकिन इसमें एक खास बात देखने को मिली। यूपी में योगी सरकार के निर्देश के बाद सभी जगह मुसलमानों ने मस्जिद के अंदर लाउडस्पीकर ऊंची आवाज के बिना ये नमाज पढ़ी गई। योगी सरकार ने सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ने का निर्देश दिया था।

जबकि दूसरी तरफ राजस्थान की राजधानी जयपुर में शहर की मेन सड़क और दुकानों को घंटों बंद कर सड़क पर सैकड़ों लाउडस्पीकर के साथ मुसलमानों ने नमाज पढ़ी। राजस्थान के अलावा कई राज्यों में सड़क पर नमाज पढ़ी गई।

यूपी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

उत्तर प्रदेश में अलविदा की नमाज को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस बार सड़कों पर नमाज अदा नहीं की गई। एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने कहा कि मस्जिद के अंदर ही नमाज अदा की जाएगी, सभी धर्म गुरुओं से बात हो गई थी। उत्तर प्रदेश में अलविदा की नमाज के लिए 31151 स्थानों को पुलिस ने चिन्हित किया जहां 46 कंपनी पीएसी के साथ 7 सीएपीएफ लगाए गए। पुलिस ने 2705 स्थानों को संवेदनशील माना। उत्तर प्रदेश का पुलिस का कहना है कि अलविदा की नमाज के दौरान भी लाउडस्पीकर के नियम का पालन किया जाएगा, 21965 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं, 42332 लाउडस्पीकर की आवाज कम की गई है।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की एडवाइजरी

इस मौक़े पर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी की है, इसमें नमाजियों से मस्जिद के अन्दर ही नमाज़ अदा करने की अपील की गई ताकि नमाज़ियों की वजह से ट्रैफ़िक जाम न हो।

रामपुर में टूटी आजादी से पहले की परंपरा

रामपुर में अलविदा की नमाज ऐतिहासिक हुआ करती थी. आजादी से पहले से चल रही परंपरा के अनुसार रामपुर के जिले भर से लोग शहर की जामा मस्जिद आते थे और जुमे की नमाज पढ़ते थे, जिसमें कई लाख लोग नमाज अदा करते थे, जो कई किलोमीटर तक शहर में सड़कों पर मकानों की छतों पर और दुकानों में पढ़ी जाती थी। लेकिन इस बार ये परंपरा टूट गई।

मुस्लिम देशों में सड़क पर नमाज नहीं होती

आपको बता दें कि दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जिनका राष्ट्रीय धर्म इस्लामिक होने के बावजूद भी वहां खुले में या सड़क पर नमाज पढ़ना गैरकानूनी माना जाता है। पूरी दुनिया में 27 देश ऐसे हैं, जिनका राष्ट्र धर्म इस्लाम है, लेकिन इसके बावजूद भी इन देशों में भी इतने बड़े पैमाने पर खुले में नमाज नहीं पढ़ी जाती। सऊदी अरब में कानून है कि गाड़ी रोक कर कोई व्यक्ति नमाज नहीं पढ़ सकता।

दुबई में कटता है मोटा चालान

संयुक्त अरब अमीरात में सड़क पर नमाज अदा करना वहां के प्रशासन के लिए बड़ी समस्या है। यही कारण है कि दुबई प्रशासन ने सड़क पर गाड़ी पार्क कर नमाज पढ़ने वालों पर मोटो जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया है। ऐसा करने वालों पर 500 दिरहम यानी 8800 रुपये का भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

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