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UP में हटे 10,000 लाउडस्पीकर, राज ठाकरे ने कहा बदकिस्मती से महाराष्ट्र में योगी नहीं भोगी हैं

यूपी में मस्जिद, मंदिर से लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं। योगी सरकार के आदेश के बाद अबतक 10 हजार से ज्यादा लाउडस्पीकर हटाए जा चुके हैं। इसे लेकर पूरे देश में उनकी तारीफ हो रही। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस बात को लेकर खूब तारीफ की है। आपको बता दें कि लाउडस्पीकर विवाद ने सबसे पहले महाराष्ट्र में ही तूल पकड़ा था जिसके बाद राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर से अजान के विरोध में हनुमान चालीसा पाठ करने का अल्टीमेटम दिया था।

इसी के बाद निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही थी जिसके बाद शिवसैनिकों ने जमकर हंगामा किया था और नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर जेल में बंद कर दिया था।

राज ठाकरे ने योगी का आभार जताया

इस बीच मनसे नेता राज ठाकरे ने कहा है कि “धार्मिक स्थलों, विशेषकर मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए मैं योगी सरकार को तहे दिल से बधाई देता हूं और आभारी हूं। बदकिस्मती से महाराष्ट्र में हमारे पास कोई ‘योगी’ नहीं है; हमारे पास जो है वह ‘भोगी’ हैं। यहां भी होने की उम्मीद करता हूं। प्रार्थना है कि अच्छी भावना आए।”

यूपी में तेजी से हट रहे लाउडस्पीकर

उधर यूपी में लाउडस्पीकर हटाने का काम तेजी से जारी है। अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए अधिकतर लाउडस्पीकर लखनऊ (2,395) और गोरखपुर (1,788) जोनों से थे। उन्होंने कहा, इसके अलावा, राज्य भर में 35,000 से अधिक लाउडस्पीकरों को निर्धारित डेसिबल सीमा के तहत लाया गया है। “2018 का एक मौजूदा सरकारी आदेश है, और ध्वनि डेसिबल सीमा और अदालत के निर्देशों के लिए निर्धारित नियम हैं। जिलों को अब सख्ती के साथ इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

यूपी पुलिस के एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया कि “10,000 से अधिक लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं और ड्राइव अभी भी जारी है। बातचीत के माध्यम से दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे सभी को जागरूकता के माध्यम से मानदंडों को समझा जा सके। कई लोगों ने अपने दम पर अनधिकृत लाउडस्पीकरों को हटा दिया है।”

मुख्यमंत्री के आदेशों को लागू करने में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा: “नियम यह है कि शोर या ध्वनि परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि किसी परिसर में पांच लाउडस्पीकर हैं, तो तीन लाउडस्पीकरों को हटाया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग अपनी सामान्य धार्मिक गतिविधियों को भी करते रहें और ध्वनि परिसर तक ही सीमित रहे।

लोग स्वयं हटा रहे लाउडस्पीकर

प्रशांत कुमार ने कहा कि सरकार की कार्रवाई के बारे में “सबसे अच्छी बात” यह है कि इसमें प्रभावित लोगों की “स्वैच्छिक” भागीदारी शामिल है। कहीं भी जबरदस्ती के साथ ऐसा नहीं किया जा रहा है। मंदिर हो, मस्जिद हो या गुरुद्वारे, लोग स्वेच्छा से ऐसा कर रहे हैं। हम उन्हें प्रतिकूल प्रभाव, अदालत के आदेशों और शोर के स्तर के बारे में बता रहे हैं।

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