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चाय की ऐसी तलब ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी, पीने के बाद ही चलाई, रेल विभाग में मामला गर्मा गया है

ट्रेन के ड्राइवर से हमेशा अलर्ट रहने, सिग्नल का तुरंत पालन करने और नियमों में थोड़ा भी हेरफेर किए बिना ट्रेन चलाने की अपेक्षा रहती है। रेल विभाग के साथ-साथ यात्री भी इस बात को लेकर आश्वस्त रहते हैं कि ट्रेन के ड्राइवर से कोई गलती नहीं होगी क्योंकि छोटी सी लापरवाही और गलती बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लेकिन इसके बावजूद एक ट्रेन ड्राइवर ने चाय पीने के लिए रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन रोक दी और चाय पीने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ाई। अब ट्रेन के दोनों ड्राइवरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। क्या है पूरा मामला आपको आगे बताते हैं।

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चाय पीने के लिए रोकी एक्सप्रेस ट्रेन

ग्वालियर-बरौनी एक्सप्रेस के लोको पायलटों ने बिहार के सीवान स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग के पास चाय पीने के लिए ट्रेन को रोकने के एक दिन बाद शनिवार को रेलवे ने इस अजीब हरकत की जांच के आदेश दिए। नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (एनईआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह के मुताबिक, गार्ड और लोको पायलटों को स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन सुबह 5.27 बजे सीवान स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान ‘शायद यह सहायक लोको पायलट था जो लोकोमोटिव से नीचे उतरा और चाय लाने के लिए पास के एक स्टाल पर चला गया।’

चाय पीने के बाद चलाई ट्रेन

हरी बत्ती मिलने के बाद ट्रेन हाजीपुर की ओर आगे की यात्रा के लिए सुबह 5.30 बजे सीवान स्टेशन से रवाना हुई। लोको पायलट यह अच्छी तरह जानता था कि उसका सहायक लोकोमोटिव केबिन के अंदर मौजूद नहीं था। एक चश्मदीद के मुताबिक ‘जब ट्रेन चाय की दुकान के पास पहुंची तो उसने जान बूझकर ट्रेन रोक दी, जहां सहायक पायलट हाथ में चाय का प्याला लिए इंतजार कर रहा था।’

एंबुलेंस भी जाम में फंसी

सीवान स्टेशन मास्टर अनंत कुमार ने कहा कि मामला स्टेशन निदेशक के संज्ञान में लाया गया, जिन्होंने इसे वाराणसी में मंडल रेल प्रबंधक के साथ उठाया। सूत्रों के अनुसार ट्रेन के अनिर्धारित ठहराव के कारण रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर वाहन फंस गए। यहां तक कि मरीज के साथ एक एंबुलेंस भी फंसी रही।

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