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‘भारत में शांति से रह रहे मुसलमान’, ब्रिटिश सांसद को मुस्लिम स्कॉलर का सख्त लहजे में 2 टूक जवाब

ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद नाज शाह की भारत में ह्यूमन राइट्स पर टिप्पणियों को भारतीय स्कॉलर शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में मुस्लिम शांति से रह रहे हैं और भारत के किसी आंतरिक मुद्दे में बाहरी देश का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ब्रिटिश सांसद की टिप्पणियों पर हमला बोलते हुए इस्लामिक रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर रजवी ने कहा कि यूके की सांसद का बयान गैर जिम्मेदाराना है।

भारत में मुसलमान जितना आजाद उतना कहीं नहीं

मुस्लिम अल्पसंख्यकों के प्रति निष्पक्ष होने के लिए भारत की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश में सभी मुस्लिम शांति और भाईचारे से रहते हैं। हमें देश में किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव सहना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ‘हम नमाज, अजान और जलसा निकालते हैं वो भी पूरी स्वतंत्रता के साथ. किसी को कोई परेशानी नहीं होती है। जहां तक कश्मीर की बात है, यह भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।’

शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, ‘सभी भारतीय मुस्लिम यह मानते हैं कि जम्मू-कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग था और रहेगा। इस बात को लेकर कहीं कोई विवाद नहीं है। मुसलमान भारत में खुश हैं। हम भारत में समृद्धि चाहते हैं, जो सबसे ज्यादा विकासशील देशों में से एक है।’ उन्होंने ब्रिटिश सांसद और पाकिस्तान से कहा कि वे भारत के घरेलू मुद्दों पर ना बोलें। उन्होंने कहा, हमें न तो कश्मीर और ना ही हिजाब के मुद्दे पर किसी का दखल पसंद है। किसी दूसरे देश का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

शाहबुद्दीन रजवी की टिप्पणी ब्रिटिश सांसद के उस ट्वीट के बाद आई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि मैं पीएम बोरिस जॉनसन से गुजारिश करूंगी कि वे ह्यूमन राइट्स के लिए खड़े हों और अपनी नजरअंदाजगी से हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जत ना कराएं। बढ़ती टेंशन के बीच भारत में मुस्लिमों के घरों पर बुलडोजर चलाना ज्यादा गंभीर है।

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