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फिर डराने लगा कोरोना, लगातार चौथे दिन 2000 से ज्यादा मामले, 24 घंटे में 33 मौत, यहां खतरा बढ़ा

देश में कोरोना की रफ्तार एक बार फिर डराने लगी। लगातार चौथे दिन देश में 2 हजार से ज्यादा केस सामने आए हैं जबकि 24 घंटे में 30 से ज्यादा लोगो की मौत हो गई है। शनिवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 2527 नए मामले दर्ज किए गए। इसकी वजह से देश में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 15,079 हो गई है। यह लगातार चौथा दिन है, जब कोरोना के 2 हजार से ज्यादा मामले मिले हैं। पॉजिटिविटी रेट 0.56 प्रतिशत बना हुआ है।

पिछले 24 घंटों के दौरान 33 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हुई है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि देश में 2527 नए मामले सामने आने के साथ ही 1656 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। देश में अब तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या 4,30,54,952 हो गई है. इनमें से 4,25,17,724 लोग ठीक हो चुके हैं। इस तरह करीब 0.03 प्रतिशत ही एक्टिव केस हैं। 98.75 प्रतिशत लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं।

दिल्ली में सबसे ज्यादा केस

दिल्ली में एक दिन पहले 1024 नए कोरोना केस दर्ज किए गए थे, जो 10 फरवरी के बाद सबसे ज्यादा है। पॉजिटिविटी रेट के मामले में भी दिल्ली आगे हैं। यहां हर 100 में से 4.64 लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजधानी दिल्ली में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की बेवसाइट के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस दिल्ली में 3253 हैं। उसके बाद केरल (2613), कर्नाटक (1637), हरियाणा (1632) और यूपी (1044) का नंबर है। हालांकि कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या भी सबसे ज्यादा दिल्ली में ही है।

कोरोना में इंडोमेथासीन दवा कारगर

आईआईटी मद्रास में शोधार्थियों की ओर से तैयार किए गए ट्रायलों में कोरोना के हल्के और मध्यम लक्षणों वाले मरीजों के इलाज में इंडोमेथासीन दवा का शानदार प्रभाव देखने को मिला है। इस नॉन-स्टेयरॉइडल एंटी-इन्फ्लेमैटरी दवा का इस्तेमाल एक एंटीवायरल एजेंट के तौर पर किया गया। इस शोध को काफी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

इसे लेकर आईआईटी मद्रास की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि इंडोमेथासीन एक स्थापित दवा है जिसका इस्तेमाल 1960 के दशक से होता आ रहा है। अकेले अमेरिका में ही हर साल 20 लाख से अधिक नुस्खों में डॉक्टर इस दवा को लेने के लिए कहते हैं।

डॉ. राजन रविचंद्रन ने कहा कि इंडोमेथासीन एक सुरक्षित और समझी हुई दवा है। मैं अपने पेशे में पिछले 30 वर्षों से इसका इस्तेमाल करता आ रहा हूं। उन्होंने कहा कि यह दवा कोरोना के सभी वैरिएंट पर काम करती है। हमने दो ट्रायल किए हैं। पहला कोरोना की पहली लहर में और दूसरा दूसरी लहर में किया गया था। दोनों के परिणाम एक जैसे रहे थे।

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