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ये है दिलवाला दूल्हा: कर्फ्यू के बीच बाइक पर बिठाकर घर लाया दुल्हनियां, नहीं टाली शादी

शादी के मौसम में अगर दंगे-फसाद हो जाएं तो कई शादियों पर तलवार लटक जाती है और कई शादियां आगे टाल दी जाती हैं। लेकिन एमपी के खरगौन में जब दंगे फैले तो एक दिलवाले दूल्हे और उसके परिवार ने शादी नहीं टलने दी। भले ही दूल्हे को ना घोड़ी नसीब हुई, ना गाजे बाजे के साथ बारात गई लेकिन उसने शादी नहीं टाली और शादी के बाद अपनी दुल्हनियां को बाइक पर बिठाकर अपने घर ले आया।

कर्फ्यू के बीच हुई शादी

शुक्रवार को खरगौन के कमलानगर के नागराज परिवार में कर्फ्यू के बीच ही उनकी बेटी दीपिका की शादी हुई। हालांकि, शादी वैसी नहीं हो सकी, जैसी वो चाहते थे। उन्हें धूमधाम की बजाए साधारण विवाह ही करना पड़ा। क्योंकि लड़के और लड़की वालों ने शादी टालने के बजाय तय तारीख को ही विवाह का फैसला लिया।

बाइक पर हुई विदाई

बता दें, शुक्रवार को तोताराम नागराज की बेटी दीपिका की शादी लखन भालसे हुई। इस शादी में ने धूमधाम से बैंड बजा, न कोई बारात निकली और न ही जोरदार विदाई हुई। इसमें केवल दोनों परिवार के लोग ही शामिल हुए। वर-वधू के परिवार ने बताया कर्फ्यू के चलते शादी की 4 महिने से चली आ रही तैयारीयो पर पानी फिर गया।

एडवांस देने के बाद भी शादी में दूल्ही दुल्हन को बिना घोड़ी के लाया। शादी भले ही सादे तरीके से हुई हो लेकिन दूल्हे के उत्साह में कोई कमी नहीं थी वो खुद अपनी बाइक पर अपनी दुल्हनियां को विदा कराकर अपने घर पहुंचा।

परिजनों ने बताया कि हमने जोरदार बारात के सपने देख रखे थे, लेकिन न बारात निकाली, न डीजे बजा और न ही शहनाई बजी। परिवार के लोग इकट्ठे हुए और रस्मों की अदाएगी कर दी गई। दूल्हे लखन से बात की तो उसने कहा कि शादी में वाकई इस बात का बुरा लग रहा है कि मेहमान शामिल नहीं हो सके। लेकिन हम शादी टालना नहीं चाहते थे इसलिए सादगी पूर्वक शादी संपन्न कराई गई।

दुल्हन को सहेलियों के नहीं आने अफसोस

वहीं, दुल्हन दीपिका ने कहा कि मुझे शादी की खुशी तो है लेकिन युवती ने कहा कि ये शादी हटकर हुई। अफसोस है कि इसमें सहेलियां और रिश्तेदार शामिल नहीं हो सके।

गौरतलब है कि खरगोन में उस वक्त हाहाकार मच गया था, जब रामनवमी पर यहां सांप्रदायिक तनाव फैला। एक समुदाय ने 10 अप्रैल को रामनवमी जुलूस पर पत्थर फेंके और आगजनी की। उपद्रवियों ने कई जगह तोड़फोड़ भी की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे और भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी और कर्फ्यू लगा दिया गया था।

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