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राजनाथ सिंह को अमेरिका में चीन को क्यों देना पड़ा कड़ा संदेश, कहा-छेड़ा तो भारत छोड़ेगा नहीं

चीन अपनी सेना के दम विस्तारवादी नीति को आगे बढ़ा रहा है। चीन का लक्ष्य अपनी सीमाओं को सेना के दम दूसरे देशों के अंदर तक घुसा देना है। भारत की आजादी के बाद से ही चीन की निगाह हमारे देश पर लगी हुई है। लेकिन इस वक्त की भारत की सरकार ने चीन को सख्त संदेश दे दिया है कि अगर चीन ने भारत को छेड़ा तो वो उसे छोड़ेगा नहीं।

Rajnath Singh

राजनाथ सिंह ने दिया सख्त संदेश

अमेरिका दौरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर भारत को किसी ने नुकसान पहुंचाया तो वह भी बख्शेगा नहीं। इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक शक्तिशाली देश के तौर पर उभरा है और दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर अग्रसर है।

राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा उनके सम्मान में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए चीन के साथ सीमा पर भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाई गई वीरता का जिक्र किया।

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘मैं खुले तौर पर यह नहीं कह सकता कि उन्होंने (भारतीय सैनिकों ने) क्या किया और हमने (सरकार ने) क्या फैसले लिए। लेकिन मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि (चीन को) एक संदेश गया है कि भारत को अगर कोई छेड़ेगा तो भारत छोड़ेगा नहीं।”

पैंगोंग झील क्षेत्र में हिंसक झड़प के बाद पांच मई, 2020 को भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच सीमा गतिरोध शुरू हो गया था। 15 जून, 2020 को गलवान घाटी में हुयी झड़पों के बाद गतिरोध और बढ़ गया। इन झड़पों में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। जबकि चीन के भी  करीब 40 सैनिक मारे गए थे, हालांकि चीन ने इस संबंध में कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं दिया।

अमेरिका को भी दिया मैसेज

राजनाथ सिंह ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए अमेरिका को एक सूक्ष्म संदेश भी दिया कि भारत ‘जीरो-सम गेम” की कूटनीति में विश्वास नहीं करता और किसी एक देश के साथ उसके संबंध दूसरे देश की कीमत पर नहीं हो सकते। ‘जीरो-सम गेम’ उस स्थिति को कहा जाता है जिसमें एक पक्ष को हुए नुकसान के बराबर दूसरे पक्ष को लाभ होता है।

यूक्रेन युद्ध के कारण रूस के संबंध में अमेरिकी दबाव का कोई सीधा संदर्भ दिए बिना राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ‘जीरो-सम गेम’ कूटनीति में विश्वास नहीं करता है। उन्होंने कहा कि अगर भारत के किसी एक देश के साथ अच्छे संबंध हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी अन्य देश के साथ उसके संबंध खराब हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि आठ वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने देश को ‘बदल दिया’ और भारत की छवि हमेशा के लिए बदल गई है। उन्होंने कहा, “(वैश्विक स्तर पर) लोगों ने महसूस किया है कि भारत अब एक कमजोर देश नहीं है। यह विश्व का एक शक्तिशाली देश है। आज भारत में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है। भारत की यह इस क्षमता को अब दुनिया ने महसूस किया है।” राजनाथ सिंह ने अपनी अमेरिका यात्रा को सफल बताया।

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