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रामनवमी पर हिंसा की साजिश विदेश में रची गई , एक रात पहले बाहरी लोग पहुचे थे खंभात

गुजरात के खंभात में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने दावा किया कि खंभात में रामनवमी पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए विदेश में साजिश रची गई। पुलिस ने बताया कि एक मौलवी मुस्तकीम और उसके दो साथी मतीन और मोहसिन के साथ ही रजाक अयूब, हुसैन हाशमशा दीवान भी इस साजिश के बड़े किरदार हैं।

विदेश में रची गई दंगे की साजिश

आणंद जिले के पुलिस अधीक्षक अजीत राजियां ने कहा कि हिंसा को अंजाम देने के लिए कुछ लोगों को खंभात के बाहर से बुलाया गया था। शोभायात्रा रविवार को थी, लेकिन शनिवार रात तक बाहर से लोगों को बुलाकर एकत्र किया गया था। साथ ही पत्थर और दूसरी घातक चीजें भी लाई गईं थीं।

इतना ही नहीं, हिंसा के दौरान आरोपियों ने पथराव और आगजनी के लिए लोगों को उकसाया गया। साथ ही हिंसा के लिए पैसे भी इकट्ठा किए गए थे। पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों के गिरफ्तार किया है। बता दें कि खंभात दंगे में 1 व्यक्ति की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।

शोभायात्रा पर पथराव के लिए कहा गया था

पुलिस के मुताबिक आरोपियों को बताया गया था कि जब शोभायात्रा मस्जिद के पास से गुजरे, तब पथराव करें। लिहाजा रविवार को शोभायात्रा मस्जिद तक पहुंची ही थी कि प्लानिंग के मुताबिक पहले पथराव किया गया फिर आगजनी की गई। इतना ही नहीं, हिंसा फैलाने वाले लोगों को ये भरोसा दिया गया था कि उन्हें कुछ नहीं होने दिया जाएगा। अगर कुछ होता है तो कानूनी मदद भी दी जाएगी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए पैसे भी इकट्ठा किए गए थे.

मोबाइल कॉल डिटेल से मिले सबूत

आणंद जिले की पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन के डाटा की जांच की गई। चैट और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर सामने आया कि आरोपी पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थे, जो विदेश में रची गई। एक मौलवी समेत 6 आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों ने हिंदू समुदाय के लोगों लोगों को सबक सिखाने के उद्देश्य से शोभायात्रा पर हमले की योजना बनाई थी।

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