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रतन टाटा ने पूछा क्या RSS के अस्पताल में सिर्फ हिंदू का इलाज होगा, चौंके गडकरी ने दिया ये जवाब

RSS और BJP को लेकर उसका विरोध करने वाली पार्टियां उन्हें मुसलमान विरोधी साबित करने में लगी रहती हैं। लेकिन RSS या BJP और उससे जुड़े संगठन बिना भेदभाव लोगों को सेवाएं देते हैं। RSS की विचारधारा अखंड भारत की है, वो भारतीय उपमहाद्वीप के रहने वाले सभी व्यक्तियों को का डीएनए एक मानती है चाहे हिंदू हो या मुसलमान, उसका एक ही लक्ष्य है सनातन संस्कृति को उसके पूर्ण स्वरूप में साकार करना। इसी बात को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान सुनाए गए किस्से से माध्यम से भी बताई।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि एक बार उन्होंने उद्योगपति रतन टाटा से कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करता।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने पुणे के सिंहगढ़ इलाके में एक धर्मार्थ अस्पताल का उद्घाटन करते वक्त ये बात कही। उन्होंने इस अवसर पर एक पुराना किस्सा सुनाया जब वह महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा सरकार में मंत्री थे।

गडकरी ने कहा, ‘‘औरंगाबाद में दिवंगत आरएसएस प्रमुख के बी हेडगेवार के नाम पर एक अस्पताल का उद्घाटन किया जा रहा था। मैं तब राज्य सरकार में एक मंत्री था। आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने इच्छा व्यक्त की कि अस्पताल का उद्घाटन रतन टाटा करें और मुझसे मदद करने के लिए कहा।’’

गडकरी ने कहा कि इसके बाद उन्होंने टाटा से संपर्क किया और उन्हें देश में गरीबों को कैंसर देखभाल प्रदान करने में टाटा कैंसर अस्पताल के योगदान का हवाला देते हुए अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए राजी किया।

गडकरी ने कहा, ‘‘अस्पताल पहुंचने पर, टाटा ने पूछा कि क्या यह अस्पताल केवल हिंदू समुदाय के लोगों के लिए है। मैंने उनसे पूछा ‘आप ऐसा क्यों सोचते हैं।’ उन्होंने तुरंत जवाब दिया, क्योंकि यह आरएसएस का है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा कि अस्पताल सभी समुदायों के लिए है और आरएसएस में ऐसा कुछ (धर्म के आधार पर भेदभाव) नहीं होता।’’

गडकरी ने कहा कि फिर उन्होंने टाटा को कई बातें बताईं और बाद में वह “बहुत खुश हुए।’’

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