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‘हिन्दुओं कश्मीर छोड़ो या मरने को तैयार रहो’, पंडितों के बाद अब राजपूतों के खिलाफ चिपकाए पोस्टर

कश्मीर में एक बार फिर हिन्दुओं के खिलाफ साजिश शुरू हो गई है। आतंकवादियों ने हिन्दू पंडितों के बाद इस बार राजपूतों को निशाना बनाया है। अब कश्मीर से राजपूतों को धमकी देकर निकालने की साजिश शुरू हो गई है। बुधवार को आतंकियों ने सतीश सिंह नाम के हिन्दू राजपूत की गोली मारकर हत्या भी कर दी थी।

साल 1990 में पहले कश्मीरी पंडितों को वहां से निकाला गया था। वहां महिलाओं का बलात्कार करके, हत्या करके उनको कश्मीर छोड़ने पर मजबूर कर दिया गया था। इस त्रासदी को द कश्मीर फाइल्स मूवी में दिखाया भी गया था। हालांकि एक बार फिर आतंकवादी हिन्दुओं को निशाना बना रहे हैं।

दीवारों पर चिपकाए गए हिन्दू विरोधी पोस्टर

जम्मू कश्मीर में एक बार फिर हिन्दुओं का विरोध शुरू हो गया है। पहले आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों का नरसंहार किया था। किसी की हत्या तो किसी महिला का रेप किया गया था। ऐसे में पंडित वहां से भागने के लिए मजबूर हो गए थे। उस समय भी दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर हिन्दुओं को भगाने की साजिश हुई थी।

इस बार फिर कश्मीर में साल 1990 वाली घटना दोहराई जा रही है। आतंकवादी कश्मीर की दीवारों पर धमकी भरे पोस्टर चिपका रहे हैं। इनमें हिन्दुओं को खुलेआम कश्मीर छोड़ने की धमकी दी जा रही है। पोस्टरों में हिन्दुओं से कहा जा रहा है कि या तो कश्मीर घाटी को छोड़ दो, या फिर मरने के लिए तैयार रहो।

इस बार वहां बसे राजपूत निशाना

बुधवार को आतंकवादियों ने वहां सतीश सिंह की हत्या कर दी थी। वो राजपूत परिवार से थे। उनको गोली मार दी गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया था। कुलगाम इलाके में रहने वाले सतीश की तरह कई राजपूत परिवार हैं जो वहां से कभी पलायन नहीं किये थे।

ये परिवार कश्मीर में ही रहकर व्यापार करते हैं। हालांकि अब आतंकी इनको भी धमकी देकर वहां से निकालने की साजिश रच रहे हैं। इस्लामी संगठन लश्कर ए इस्लामी बारामूला जिले में धमरी भरे पोस्टर लगा रहा है। वीरां गांव की दीवारों पर पोस्टर लगाए गए हैं और हिन्दुओं को खुलेआम धमकी दी जा रही है।

उपराज्यपाल ने गंभीरता से ली धमकी

सतीश सिंह की हत्या के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी नाराज हो गए हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि जिसने भी सतीश की हत्या की है, उसको बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने इस घटना को कायराना हरकत बताया और हमले की कड़ी निंदा की है। वहीं पुलिस ने भी इस मामले पर गंभीरता दिखानी शुरू कर दी है।

पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल पुलिस इन पोस्टरों की प्रमाणिकता की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस संगठन का कोई वजूद नहीं है। धमकी भरे पोस्टरों में किसी के हस्ताक्षर भी नहीं हैं।

फिर भी पुलिस गंभीरता दिखा रही है। उसका दावा है कि धमकी देने वालों को जल्द पकड़ा जाएगा। हाल ही में द कश्मीर फाइल्स मूवी ने वहां हिन्दुओं के खिलाफ हुए अत्याचारों को फिल्मी पर्दे पर दिखाया था। इस फिल्म की पीएम मोदी ने भी सराहना की थी।

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