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शिव मंदिर में ताला लगे होने पर उमा भारती ने अन्न त्यागा, कहा घूंसा मारकर तोड़ सकती हूं लेकिन…

मध्य प्रदेश में रायसेन के किले के अंदर बने शिव मंदिर में ताले लगे होने के विरोध में पूर्व सीएम उमा भारती ने अन्न का त्याग कर दिया है। पूर्व सीएम उमा भारती ने रायसेन के किले पर अन्न त्यागने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि जब तक किले में स्थित शिव मंदिर का ताला नहीं खुलेगा, तब तक वह अन्न नहीं लेंगी। गौरतलब है कि रायसेन में शिव महापुराण कथा में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने रायसेन किले के शिव मंदिर में ताला होने की बात पर मुख्यमंत्री शिवराज पर तंज कसा था।

पूजा के लिए पहुंची थी उमा भारती

इसके बाद उमा भारती ने कहा था कि वह किले पर आकर गंगाजल से शिव अभिषेक करेंगी। सोमवार को अपने बयान के मुताबिक, उमा पूजा के लिए मंदिर पहुंचीं लेकिन गर्भगृह का ताला न खुलने पर बाहर से ही पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि मैं नियमों का पालन करूंगी। ये तो बहुत छोटा सा ताला है, मेरे एक घूसे से ही टूट जाएगा, लेकिन मैं ऐसा करूंगी नहीं।

भोग लगाने के बाद ही अन्न ग्रहण करूंगी

इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि सरकार पुरातत्व विभाग से चर्चा करके नियम के द्वारा इसे खुलवाए। उमा ने कहा कि ताला खुलने पर मैं सीएम शिवराज के साथ यहां आऊंगी और यहीं टिक्कड़ बनाकर भोलेनाथ को भोग लगाऊंगी। इसके बाद ही अन्न ग्रहण करूंगी।

इस दौरान उमा भारती ने राजा पूरणमल और उनके परिवार को भी नमन किया। उमा ने कहा कि हम ताला नहीं तोड़ते। अयोध्या में भी हमारा नारा था कि आगे बढ़ो, जोर से बोलो और राम जन्मभूमि का ताला खोलो लेकिन ताला तोड़ो हमारा नारा नहीं था। हम मर्यादा में रहे हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के वंशज हैं।

उन्होंने कहा कि राधेश्याम वशिष्ठ ने बहुत बड़ा आंदोलन किया। हिंदू महासभा के फलस्वरूप यहां बहुत बड़ा उत्सव हुआ। यहां ताला खुला और पूजा शुरू हुई। अब मैं चाहती हूं कि हमें बहुत जल्दी ये अवसर मिले और केंद्रीय पुरातत्व विभाग से राज्य पुरातत्व विभाग संपर्क करे और यहां के प्रशासन को यहां के तालों को खोलने का अधिकार मिले। फिलहाल ये अधिकार अभी प्रशासन के पास नहीं है।

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