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JNU का नाम बदलकर वीर सावरकर यूनिवर्सिटी रखने की मांग, गृह राज्य मंत्री के पास पहुंचा पत्र

JNU में रामनवमी पूजा में बाधा डालने और रामनवमी के मौके पर नॉनवेज परोसने को लेकर एबीवीपी और लेफ्ट विंग के छात्रों के बीच झड़प का मामला तूल पकड़ रहा है। अब गृह राज्य मंत्री को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर वीर सावरकर यूनिवर्सिटी करने की मांग की गई है। आपको बता दें कि लेफ्ट विंग के छात्रों ने आरोप लगाया है कि एबीवीपी के लोग उन्हें मांस खाने से रोक रहे हैं। वहीं एबीवीपी का कहना है कि मांस परोसा जाना कोई मसला नहीं था बल्कि असल मुद्दा रामनवमी की पूजा भंग करना था।

हिंदू महासभा ने की मांग

बता दें कि इस विवाद के बीच हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने सरकार से जेएनयू का नाम बदलने की मांग की है। उन्होंने एक पत्र में कहा कि है कि JNU का नाम बदलकर वीर सावरकर के नाम पर रखा जाये। बता दें कि यह पत्र केंद्र सरकार के गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नाम लिखा गया है।

पत्र में लिखा है, “जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुछ अलगाववादी एवं टुकड़े-टुकड़े गैंग द्वारा राष्ट्र विरोधी तत्वों के मिलीभगत से एवं ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तान के इशारे पर कभी देश के खिलाफ नारे लगाये जाते हैं तथा देश को टुकड़े-टुकड़े करने की बात की जाती है। कभी हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान तो कभी हमारे स्वतंत्रता आन्दोलन के अग्रणी वीर सावरकर का अपमान किया जाता है।”

पत्र के जरिए उन्होंने कहा कि जेएनयू का नाम वीर सावरकर विश्वविद्यालय किया जाय तथा बाबरी मस्जिद के समर्थन में नारे लगाने वालो के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाय।

दरअसल जेएनयू में रामनवमी के दिन आयोजित एक पूजा को लेकर एबीवीपी ने आरोप लगाया है कि कावेरी हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने रामनवमी के दिन कैंपस में हवन-पूजन कर रहे थे। जिसको लेकर लेफ्ट विंग के लोगों ने पूजा भंग करने की कोशिश की। एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने लेफ्ट विंग के छात्रों पर मारपीट का आरोप लगाया।

वहीं जेएनयू स्टूडेंट यूनियन का आरोप है कि एबीवीपी के छात्रों ने अपनी नफरत की राजनीति के एजेंडे को लेकर कावेरी हॉस्टल में माहौल खराब कर दिया है। वो लोग मारपीट पर उतर आये। यूनियन का कहना है कि एबीवीपी मेस कमेटी को रात के खाने के बदलाव करने के लिए धमकी दे रहे हैं। वो चाहते हैं कि मांसाहारी खाना ना परोसा जाये।

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