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ट्रक चलाकर केरल से कश्मीर पहुंची महिला: रास्ते में आई एक बड़ी दिक्कत, लेकिन पूरा किया सपना

अमेरिका, कनाडा और पश्चिमी देशों में ट्रक चलाते हुई महिला दिख जाती हैं। लेकिन भारत में महिला ट्रक ड्राइवर मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में केरल की एक महिला जब ट्रक लेकर कश्मीर पहुंची तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि वो अपना एस सपना पूरा कर रही थी। साथ ही ट्रक की स्टेयरिंग पर एक महिला को बैठ हुए देख लोग भी दंग रह गए।

केरल की जेलाजा ने किया कमाल

केरल की 40 वर्षीय जेलाजा रतीश वह महिला है, जिन्होंने कार्गो लॉरी को अपने ड्रीम डेस्टिनेशन, कश्मीर तक पहुंचाया। उनके वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है।इस वीडियो की शुरुआत कोट्टायम में जेलाजा रतीश के घर से होती है। दिखाया गया है कि उन्होंने अपनी Ford Endeavour में एर्नाकुलम की यात्रा की। इसके बाद एर्नाकुलम जिले पेरुंबवूर से उन्होंने लॉरी चलाना शुरू किया। उन्हें पुणे में प्लाईवुड पहुंचाना था और फिर पुणे से वह कश्मीर में वह प्याज का लोड ले गई थीं।

जेलाजा यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थी क्योंकि वह उन जगहों को देखने जा रही थी जो उसने अब तक केवल में सिर्फ वीडियो और तस्वीरों में देखी थीं। उन्होंने केरल से अपनी यात्रा शुरू की और कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब की यात्रा की।

ट्रक ड्राइवर महिला को देख लोग हैरान

जेलाजा रतीश को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि एक मालवाहक ट्रक के स्टीयरिंग व्हील पर एक महिला ड्राइवर को देखकर लोग हैरान रह गए। Jelaja का कहना है कि उन्हें हमेशा ड्राइविंग का शौक था, लेकिन परिस्थितियां उनके अनुकूल नहीं थीं।

जेलाजा रतीश ने शादी के बाद ही ड्राइविंग सीखी। उन्होंने कहा कि “मैं अपने पति के साथ लॉरी से दो बार मुंबई जा चुकी हूं। जैसे ही हमें पुणे के लिए ऑर्डर मिला, हमने वहां से कश्मीर के लिए लोड के बारे में भी पूछताछ की। यात्रा महंगी नहीं थी, क्योंकि हम भार ढो रहे थे और वाहन के अंदर सो रहे थे। कभी-कभी हम लॉरी में खाना बनाते थे।”

पति ने दिया साथ

जेलाजा के साथ लॉरी में उनके पति रतीश और रिश्तेदार अनीश भी थे। जेलाजा ने बताया कि यात्रा थकाऊ नहीं थी, क्योंकि उनके पास केबिन के अंदर एक बिस्तर भी था। उन्होंने कहा कि गुलमर्ग की उनकी यात्रा सबसे यादगार क्षणों में से एक थी, क्योंकि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि वह कश्मीर पहुंच गई हैं।

रास्ते में आई ये दिक्कत

अलग-अलग राज्यों से गुजरते समय उन्हें केवल एक समस्या का सामना करना पड़ा, वह थी गंदे सार्वजनिक शौचालय।  जेलाजा, उनके पति और उनके रिश्तेदार लॉरी में अपनी वापसी यात्रा हरियाणा से प्लाईवुड के भार के साथ शुरू की और इसे बैंगलोर, कर्नाटक में उतार दिया।

उसके बाद उन्होंने मैसूर, कर्नाटक से चीनी का एक लोड प्राप्त किया और केरल में अनलोड की, जिसके बाद उनकी यात्रा पूरी हुई थी। जेलाजा रतीश ने कहा कि हर बार जब कोई उन्हें स्टीयरिंग व्हील के पीछे देखता था, तो वे आश्चर्यचकित हो जाते थे, क्योंकि वे इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे।

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