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मोदी-बाइडेन बातचीत पर दुनिया की निगाह: इससे पहले ही अमेरिका पहुंचे हैं राजनाथ सिंह और एस जयशंकर

भारत और अमेरिका के बीच की कूटनीति के लिए आज का दिन बेहद अहम है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महत्वपूर्ण मुलाकात होने वाली है। जब ये मुलाकात होगी उस समय भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री अमेरिका में मौजूद होंगे और मोदी-बाइडेन की बातचीत के तुरंत बाद अमेरिका भारत के 2+2 डायलॉग होगा जिसमें दोनों देशों को रक्षा और विदेश मंत्री शामिल होंगे।

आज दो अहम बैठक

आपको बता दें कि रूस-यूक्रेन जंग के बीच भारत-अमेरिका के बीच ही ये दोनों अहम बैठकें होंने जा रही हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, आज भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच वर्चुअल बैठक होगी। दोनों नेताओं के बीच की ये बैठक, भारत और अमेरिका के बीच 2+2 बैठक से पहले होगी, जिसमें हिस्सा लेने के लिए भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका पहुंच चुके हैं।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि, दोनों देशों के बीच आज की बैठक जिन परिस्थियों के बीच हो ही है, वो एक परीक्षा की घड़ी है और भारत इसमें संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमेरिका अगर भारत से संबंध खराब करता है, तो वो दक्षिण एशिया से अपने संपर्क को काट लेगा, जो उसके लिए सबसे बड़ा झटका होगा।

बाइडेन-मोदी वर्चुअल बैठक व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जेन साकी ने कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन “यूक्रेन के खिलाफ रूस के क्रूर युद्ध के परिणामों और वैश्विक खाद्य आपूर्ति और कमोडिटी बाजारों पर इसके अस्थिर प्रभाव को कम करने के परिणामों पर निकट परामर्श” जारी रखेंगे।

यानि, अमेरिका की तरफ से साफ कर दिया गया है, कि दोनों नेताओं की बीच की बैठक में यूक्रेन का मुद्दा सबसे अहम रहने वाला है और अमेरिका की तरफ से एक बार फिर से रूस के खिलाफ एक्शन लेने के लिए दवाब बनाने की कोशिश की जाएगी। वहीं, बैठक को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि, “दोनों नेता, दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे और दक्षिण एशिया, भारत-प्रशांत क्षेत्र और पारस्परिक हित को देखते हुए वैश्विक मुद्दों पर हाल के घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।’

joe biden and kamala harris

भारत-अमेरिका में 2+2 बैठक

एक तरफ जो बाइडेन और नरेन्द्र मोदी के बीच वर्चुअल बैठक होगी तो दूसरी तरफ भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर और अपने अमेरिकी समकक्ष रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन और विदेश सचिव एंटनी जे ब्लिंकन के साथ बैठक करेंगे। ये बैठक भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे के करीब प्रस्तावित है। रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक से पहले यूक्रेन संकट में अपने न्यूट्रल रूख को देखते हुए भारत ने काफी सावधानी के साथ डिप्लोमेटिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। भारत की कोशिश काफी सावधानी के साथ रूस और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की है।

यूक्रेन संकट पर संतुलन बनाने की कोशिश भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से रूस को निलंबित करने के प्रस्ताव में भाग नहीं लिया था, जबकि भारत की तरफ से बूचा में की गई हत्याओं की निंदा की गई थी। इसे दिल्ली द्वारा यूक्रेन के खिलाफ अपनी कार्रवाइयों के लिए मास्को को एक संकेत भेजने के रूप में देखा गया और भारत ने अप तक का रूस के खिलाफ सबसे ‘कठोर’ बयान यही दिया है।

हालांकि, भारत के इस कदम ने साफ तौर पर ये भी सुनिश्चित कर दिया है, कि, रूस के साथ अपने सामरिक हितों को देखते हुए भारत, अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ पूरी तरह से गठबंधन नहीं करेगा। हाल के हफ्तों में वाशिंगटन डीसी से उच्च स्तरीय वार्तामंडलों ने कई बार नई दिल्ली की यात्रा की है, जिसमें राजनीतिक मामलों के लिए अमेरिकी अवर सचिव विक्टोरिया नुलैंड और अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर अमेरिकी उप एनएसए दलीप सिंह शामिल रहे।

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