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फौजी पति का शव देखकर पत्नी एक बार टूटी, फिर उठा लिया तिरंगा: भावुक कर देने वाली तिरंगा यात्रा

देश की रक्षा मे अपनी जान न्योछावर कर देने वाले सैनिकों के लिए देश वासियों के दिल में बेहद सम्मान होता है। लेकिन उनके परिवार वालों के अपनों के खोने का दर्द किसी सामान्य परिवार की तरह होता है। लेकिन इस दर्द में भी जब सैनिक के परिवारों में वही देश भक्ति का जज्बा दिखता है तो लोगों के सिर अपने आप झुक जाते हैं।

जवान के जयकारे से गूंजा इलाका

राजस्थान के सीकर में एक फौजी के अंतिम संस्कार में जब हर किसी की आंखें आंसुओं से नम थी, उस समय उसकी वीरांगना पत्नी ने देशभक्ति का वो जज्बा पेश किया कि हर किसी का मन देशप्रेम के भावों छाती गर्व से भर उठी। राष्ट्रप्रेम की ऐसी हिलौर उठी कि पूरा समां भारत माता, वंदेमातरम व जवान के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

दरअसल सिक्किम में भारत चीन सीमा पर 19 हजार फीट ऊंचाई पर जान गंवाने वाले कल्याणपुरा निवासी सूबेदार मेजर प्रभू सिंह की अंतिम यात्रा निकली तो वीरांगना सुमन भी उसमें शामिल हुई। जिसने अंत्येष्टि स्थल पर एक हाथ में तिरंगा थामा और दूसरे हाथ से सलामी देकर सैनिक पति को अंतिम विदाई दी। जिसे देख हर कोई भावुक हो गया और देशभक्ति के नारे लगाने लगा। काफी देर तक उठी नारों की गूंज के बीच ही बेटे अजय ने मुखाग्नि देकर पिता का अंतिम संस्कार किया।

12 किमी तक निकली तिरंगा यात्रा

इससे पहले जवान का शव सुबह करीब साढ़े पांच बजे अजीतगढ़ पहुंचा। जहां कुछ देर शव को थाने में रखने के बाद तिरंगा यात्रा के रूप में पैतृक गांव ले जाया गया। करीब 12 किलोमीटर तक निकली तिरंगा यात्रा में सैंकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए शामिल हुए। घर में पारिवारिक रस्मों के बाद जवान के पार्थिव देह को अंत्येष्टि स्थल ले जाया गया। जहां भी सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी में जवान का अंतिम संस्कार किया गया।

इस दौरान सांसद सुमेधानंद सरस्वती, कांग्रेसी नेता बालेदु सिंह शेखावत, पूर्व विधायक झाबर सिंह खर्रा, पंचायत समिति के प्रधान शंकर लाल यादव, देवी सिंह नरूका, भाजपा किसान प्रकोष्ठ के पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम चौधरी, डॉक्टर मंगल यादव, कांग्रेस नेता सुभाष मील, उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़, महिपाल सिंह राजावत, थोई थाना अधिकारी आलोक पुनिया सहित गणमान्य लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित किया। 14 जाट रेजीमेंट की टुकड़ी ने गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया।

पत्नी ने दिखाया देशभक्ति का जज्बा

सूबेदार मेजर प्रभु सिंह का शव जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंचा तो माहौल गनमीन हो गया। उनकी पत्नी को आसपास की महिलाओं ने संभालते हुए पार्थिक देह की परिक्रमा करवाई। बाद में देश सेवा के जज्बे ने उन्हें हौसला दिया। वीरांगना सुमन देवी ने कहा मेरा पति देश की सेवा के लिए कुर्बान हुआ है, मुझे गर्व है। उसने कहा कि वह बेटे को भी सेना में भेजेगी। सूबेदार मेजर प्रभु सिंह की 80 वर्षीय मां घीसी देवी की आंखों में इस दौरान आंसू नहीं थमे।

10 अप्रैल को आने वाले थे

जवान प्रभू सिंह 10 अप्रेल को परिवार में एक शादी में शामिल होने के लिए आने वाले थे। लेकिन, इससे पहले ही कुदरत ने अलग खेल रच दिया। 6 अप्रेल को 19 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित सैन्य चौकी पर अचानक तबीयत बिगड़ी जिसके बाद उनकी मौत हो गई। उनका शव ही शनिवार को घर पहुंचा। जिसे देख एकबारगी घर में जबरदस्त कोहराम मच गया। दो बच्चों के पिता प्रभू सिंह बेटे को डॉक्टर और बेटी को शिक्षक बनाना चाहते थे।

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