बायोग्राफी

रजिया सुल्तान को अपने गुलाम से हो गया था प्यार, इस मोहब्बत के थे कई दुश्मन, बेमिशाल प्रेम कहानी

भारत के शाही इतिहास में राजा, रानियों, राजकुमारियों, बादशाह और शहजादियों की प्रेम कहानी भी दर्ज है। इनमें से कई शाही प्रेम कहानियां काफी दर्दनाक भी हैं। कुछ शाही प्रेमी जोड़ों ने अपने प्यार को पा लिया तो कुछ अपने प्यार को पूरी तरह से पाने में असफल रहे। ऐसी ही एक प्रेम कहानी दिल्ली की सुल्तान रजिया से जुड़ी है। रजिया का दिल अपने एक गुलाम पर आ गया था।

रजिया अपने गुलाम पर जान छिड़कती थी। लेकिन शाही खानदान से जुड़े लोगों को उसका ये प्यार पसंद नहीं आया और वो उसकी मोहब्बत के दुश्मन बन बैठे। इस बेहद दिलचस्प प्रेम कहानी को आपको आगे बताते हैं।

इतिहास में दर्ज है रजिया की प्रेम कहानी

रजिया सुल्तान और उनके गुलाम जलालुद्दीन याकूत की प्रेम कहानी इतिहास के पन्नों में दर्ज है । बताया जाता है कि रजिया सुल्तान ने प्यार तो जलालुद्दीन याकूत से किया था लेकिन इनकी शादी किसी दूसरे इंसान से करा दी गई थी।

दिल्ली की सुल्तान थीं रजिया

रजिया सुल्तान भारत के इतिहास की सबसे ताकतवर महिलाओं में से एक थीं, जिनका पूरा नाम जलालात उद-दिन-रजिया था। इनका जन्म वर्तमान उत्तर प्रदेश के बदायूं में 1205 में हुआ था। वह दिल्ली सल्तनत के मशहूर शासक एवं इतिहास के प्रसिद्ध सुल्तान शमसुद्दीन इल्तुतमिश की इकलौती बेटी थीं।रजिया के तीन भाई थे, जो उन्हें रजिया कहकर पुकारा करते थे।

दिल्ली की पहली मुस्लिम महिला शासक

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रजिया सुल्तान बचपन से ही बहादुर थीं, जिन्हें शासन करने और समाज में सुधार लाने की बचपन से ही लगन थी। इसलिए रजिया ने अपने पिता के जाने के बाद दिल्ली की सल्तनन पर राज किया था

मुश्किलों से भरा था रजिया का शासनकाल

हालांकि, रजिया सुल्तान को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा था जैसे- उसके पिता के जाने के बाद रुखुद्दीन फिरोज को दिल्ली की गद्दी सौंप थी लेकिन वह इसे ईमानदारी से नहीं निभा पाए थे। साथ ही, लोगों ने एक महिला को सुल्तान के रूप में स्वीकार करने से मना कर दिया था।

याकूत से शादी करना चाहती थीं रजिया

इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि रजिया ने दिल्ली के विकास में अपनी एक अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इस दौरान इन्हें जलालुद्दीन याकूत से प्यार हो गया था। बता दें कि जलालुद्दीन याकूत रजिया का गुलाम था, जो उन्हें घोड़े की सवारी करवाया करता था।

इस दौरान दोनों को एक दूसरे से काफी प्यार करते थे. दोनों शादी भी करना चाहते थे, लेकिन दुनिया को इन दोनों की मोहब्बत रास नहीं आई और लोग इनकी प्रेम कहानी के खिलाफ हो गए थे।  हालांकि, कुछ इतिहासकारों का मानना है कि याकूत रजिया का प्रेमी नहीं बल्कि विश्वासपात्र था।

जबरन मलिक अल्तुनिया से कराया गया निकाह

इतिहासकारों के अनुसार कहा जाता है कि दोनों की मोहब्बत को लेकर काफी विद्रोह हुआ था और इस दौरान याकूत की मौत हो गई थी। इसके बाद, रजिया का निकाह अल्तुनिया से करवा दिया गया था लेकिन कहा जाता है कि यह निकाह ज्यादा समय नहीं चल पाया था क्योंकि एक जंग में दोनों की मौत हो गई थी। लेकिन कई इतिहासकारों का मानना है कि रजिया निकाह के बाद भी अपने प्रेमी जलालुद्दीन याकूत की मोहब्बत भूल नहीं पाई थीं।

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