राजनीति

राज्यसभा चुनाव: पहली बार कांग्रेस नॉर्थ ईस्ट से हुई साफ, पहली बार उच्च सदन में BJP ने ठोका शतक

किसी जमाने नॉर्थ-ईस्ट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। लेकिन आज हालत ये है कि कांग्रेस की नॉर्थ-ईस्ट में कोई सरकार तो है नहीं, अब नॉर्थ-ईस्ट से राज्यसभा सांसदों की संख्या भी शून्य हो गई है। उधर बीजेपी नॉर्थ-ईस्ट में परचम लहरा रही है। अभी हाल ही में मणिपुर विधानसभा चुनाव में जीत के बाद बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में परचम लहरा दिया। गुरुवार को 4 सीटों के हुए चुनाव में बीजेपी ने चारों सीटें जीत लीं।

यही नहीं इस राज्यसभा चुनाव के बाद इस उच्च सदन में बीजेपी सांसदों की संख्या पहली बार 100 के पार पहुंच गई है। राज्यसभा में बीजेपी के 101 सदस्य हो गए हैं। गौरतलब है कि 1988 के बाद ये पहला मौका है जब राज्यसभा में किसी पार्टी की सदस्य संख्या 100 के पार गई है। इस जीत के बाद अब बीजेपी को अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को जिताने में मुश्किल नहीं होगी।

नॉर्थ-ईस्ट की सभी 4 सीटे बीजेपी ने जीतीं

पूर्वोत्तर के राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी यूपीपीएल ने गुरुवार को हुए चुनाव में राज्यसभा की सभी 4 सीटें जीत लीं। बीजेपी ने त्रिपुरा सीट अपनी संख्या के बल पर जीती और नागालैंड सीट निर्विरोध जीती। असम में क्रॉस-वोटिंग और अमान्य विपक्षी वोटों ने भगवा पार्टी और उसके सहयोगी यूपीपीएल को उन दोनों सीटों पर जीत हासिल करने में मदद की, जिन पर चुनाव हुए थे।


राज्यसभा में बीजेपी का शतक

245 सदस्यों वाली राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार 100 का आंकड़ा पार कर लिया है और अब ऊपरी सदन में उसके कुल सांसदों की संख्या 101 हो चुकी है। अभी तक इस सदन में सत्ताधारी दल के पास 97 में सांसद थे, लेकिन उसे गुरुवार को संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों में 4 और सीटें मिली हैं। इस कामयाबी के साथ 1988 के बाद यह पहला मौका है, जब किसी भी पार्टी ने राज्यसभा में सांसदों का शतक लगाया हो। इससे पूर्व 1988 में राजीव गांधी की सरकार थी और उस समय देश की सत्ता पर सिर्फ कांग्रेस का ही बोलबाला था।

sonia gandhi and rahul gandhi

नॉर्थ-ईस्ट से राज्यसभा में कांग्रेस का सफाया

गुरुवार को आए नतीजे का असर ये हुआ है कि उत्तर-पूर्व से राज्यसभा में कांग्रेस पूरी तरह से साफ हो गई है। बीजेपी ने त्रिपुरा की एकमात्र सीट अपने दम पर जीती है, नगालैंड की सीट पर पार्टी की प्रदेश महिला मोर्चा कीअध्यक्ष फैंगनोन कोन्याक निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। वह राज्यसभा में जाने वाली राज्य की पहली महिला हैं। असम से कांग्रेस के दोनों राज्यसभा सांसदों रिपुन बोरा और रानी नाराह का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म हो रहा है और इनमें से एक पर भाजपा और दूसरे पर उसकी सहयोगी पार्टी यूपीपीएल के उम्मीदवार को जीत मिली है।

कांग्रेस ने सीटिंग सांसद रिपुन बोरा को ही विपक्ष का कॉमन उम्मीदवार बनाया था, लेकिन राहुल गांधी के करीब नेता को फिर भी हार का सामना करना पड़ा है। उत्तर-पूर्व से राज्यसभा की 14 सीटें हैं, जिनमें से अब एनडीए के पास 13 और असम की एक सीट पर निर्दलीय सांसद का कब्जा है। नगालैंड की सीट पहले बीजेपी की सहयोगी एनपीएफ के पास थी और त्रिपुरा में उसने सीपीएम को हराकर जीत दर्ज की है। राज्यसभा में अब कांग्रेस के सिर्फ 28 सदस्य बचे हैं।

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