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3500रु महीने पाने वाले संविदा टीचर के पास 10 करोड़ से अधिक संपत्ति, 27 कॉलेज का मालिक भी है

अगर कोई बेहद साधारण स्थिति से बहुत जल्दी करोड़पति बन रहा है, तो वो तुरंत जांच एजेंसियों के रडार पर आ जाता है। मध्य प्रदेश का एक संविदा टीचर भी इसी तरह आर्थिक अपराध शाखा के शिकंजे में फंस गया। क्या है पूरा मामला आपको बताते हैं। मध्य प्रदेश का एक संविदा शिक्षक अचानक से चर्चा में आ गया है। यह शिक्षक 27 कॉलेजों का मालिक पाया गया है। आर्थिक अपराध शाखा यानि EOW की छापेमारी में इस शिक्षक का असली चेहरा सामने आया तो लोग दंग रह गए।

3500 रु महीने से शुरू की नौकरी

मध्यप्रदेश के ग्वालियर के एक संविदा शिक्षक प्रशांत सिंह परमार ने साल 2006 में संविदा शिक्षक की नौकरी ज्वाइन की थी। उस समय इनका वेतन 3500 रुपए महीना था। अब मात्र 15 साल में प्रशांत 27 कॉलेजों का मालिक बन गया है। शनिवार को प्रशांत के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद EOW के सामने जो सच्चाई आई उसने सभी को चौंका दिया। प्रशांत 27 कॉलेज, 4 दफ्तर, 2 मकान, जमीन, बैंक एकाउंट और कई लॉकर्स का मालिक है।

कई ठिकानों पर छापेमारी

संविदा शिक्षक प्रशांत परमार पर रेड मारने के बाद EOW के हाथ बड़ी सफलता लगी है। EOW को प्रशांत की आय से अधिक संपत्ति के बारे में एक खुफिया जानकारी मिली थी। जिसके बाद EOW ने इस मामले की जांच की और प्रशांत के सत्यम टावर स्तिथ घर के साथ-साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। जिसके बाद प्रशांत के पास से EOW को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।

कई कॉलेज का मालिक

प्रशांत परमार आज 24 D.ed, 3 B.ed कॉलेज, और 3 नर्सिंग कॉलेज सहित 27 कॉलेजों का मालिक है। इसके आलाव ग्वालियर में प्रशांत के 2 मकान और चार दफ्तर होने की जानकारी के साथ जमींन, बैंक एकाउंट्स और लॉकर भी हैं।


रेड में कई अधिकारियों की मुहर मिली

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान के बाड़ी का रहने वाले प्रशांत का नेटवर्क झारखंड तक फैला हुआ है। प्रशांत के ठिकानों पर छापेमारी करने के दौरान EOW को कई सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों की स्टैम्प सील मिली है। सम्भवना जताई जा रही है कि आरोपी सहायक शिक्षक प्रशांत परमार इन फर्जी स्टाम्प सील के जरिये अपने काला बाजारी का जाल और बड़ा कर रहा था।

अबतक 10 करोड़ की संपत्ति मिली

EOW की कार्यवाही अभी भी जारी है. अधिकारियों की मानें तो पूरी जांच के बाद 10 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति का खुलासा हो सकता है। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि प्रशांत राजनीतिक में प्रवेश करने की तैयारी में था। वह अगले साल राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना रहा था।

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