राजनीति

आसान नहीं गुलाब देवी और ऋतु खंडूरी जैसा मुकाम पाना, एक सादगी की मूरत तो दूसरी शक्ति की प्रतीक

इस बार हुए पांच राज्यो की विधानसभा चुनाव में मातृ शक्ति ने भी अपनी विशेष छाप छोड़ी है। यूपी में बीजेपी की नेता गुलाब देवी ने अपनी सादगी और उत्तराखंड की ऋतु खंडूरी ने अपनी शक्ति से वो मुकाम हासिल किया है जिसे पाना आसान नहीं होता है।

यूपी की गुलाब देवी

यूपी विधानसभा में महिला विधायकों में गुलाब देवी सबसे वरिष्ठ हैं। वह पांचवी बार बीजेपी के टिकट पर विधायक बनी हैं। पब्लिसिटी से दूर रहने वाली गुलाब देवी की अहमियत का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि यूपी में उन्हें बीजेपी के सभी मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में जगह मिलती आई है।

गुलाब देवी का सादा जीवन उच्च विचार

अक्सर खादी की साड़ी में दिखने वाली गुलाब देवी की मेहनत, लगन और सादगी ही उनकी पहचान है। योगी सरकार 1.0 में राज्य मंत्री रहीं गुलाब देवी ने इस बार भी जब विधानसभा चुनाव जीता, तो उनका कद और बढ़ गया है। इस बार उनको राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। ऐसा तब हुआ, जब योगी सरकार 1.0 के कई वरिष्ठ मंत्रियों को इस बार मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।

चंदौसी सीट से जीतीं गुलाब देवी

वह 1991 से लगातार अपनी परंपरागत संभल की चंदौसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। वह 2002 और 2007 का चुनाव हार गईं।

उसके बाद 2017 में एक बार फिर से विधायक बनीं तो उनको समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण और माध्यमिक शिक्षा विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया। वह 1991 से पहले दो बार सभासद और 2008 से 12 तक बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहीं। गुलाब देवी राजनीति शास्त्र की शिक्षक और इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रही हैं।

गरीब दलित परिवार में जन्म

वह अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं और उनके पिता बाबू राम कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे। उनके विधायक और मंत्री बनने के बाद भी पिता ने अपना मूल काम नहीं छोड़ा। पिता के निधन के बाद गुलाब देवी ने ही उनको मुखाग्नि दी थी।

गुलाब देवी के पति राम पाल सिंह शुगर मिल में काम करते थे। रिटायर होने के बाद वह राजनीति में पत्नी की मदद करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। वे भी राजनीति में सक्रिय हैं। एक बेटी साक्षी बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता हैं और दूसरी बेटी सुगंधा ब्लॉक प्रमुख।

ऋतु खंडूरी उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर

उत्तराखंड की कोटद्वार विधानसभा सीट से निर्वाचित ऋतु खंडूड़ी को उत्तराखंड विधानसभा का स्पीकर चुना गया है, वे उत्तराखंड की पहली महिला स्पीकर हैं। उनके समर्थक मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे थे। वह मुख्यमंत्री तो नहीं बन पाईं, लेकिन उत्तराखंड विधानसभा की पहली महिला अध्यक्ष जरूर बन गईं।

वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रिटायर्ड मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी की बेटी हैं। 29 जनवरी 1965 को फौजी परिवार में जन्मी ऋतु ने मेरठ के रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। इसके बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रैजुएशन किया। उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा भी किया हुआ है। 2006 से लेकर 2017 तक उन्होंने नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी में फैकल्टी के रूप में भी काम किया है।

साल 2017 के चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर यमकेश्वर सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी। 2022 के चुनाव में उन्होंने कोटद्वार विधानसभा सीट हासिल की। ऋतु खंडूड़ी के पति राजेश भूषण बेंजवाल बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनके पिता बीसी 2012 के चुनाव में कोटद्वार में सुरेंद्र सिंह नेगी से हार गए थे।

दिखाई शक्ति, पिता की हार का लिया बदला 

ऋतु ने इस बार कोटद्वार से जीत कर अपने पिता की हार का बदला ले लिया। उन्होंने उन्हीं सुरेंद्र सिंह नेगी को हराया है, जिन्होंने उनके पिता को हराया था ।विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि वह अपनी संपूर्ण क्षमता से उच्च संसदीय आदर्शों और परंपराओं का निर्वहन करने का प्रयास करेंगी।

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