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126 वर्षीय शिवानंद बाबा को पद्मश्री सम्मान, 3 बार किया दंडवत, Video देख मन श्रद्धा से भर जाएगा

भारत ऋषियों, महर्षियों, योगियों, सिद्धों, साधुओं और संतों की धरती है। प्राचीन काल से भारत के रहस्यमय योगियों और सिद्धों के प्रति पूरी दुनिया का आकर्षण रहा है। इनमें से कई योगियों की उम्र सैकड़ों वर्षों में बताई गई है। आज भी हमारे बीच ऐसे योगी और संत हैं। इनमें से कई गोपनीय तरीके से रहते हैं तो कई समाज के सामने प्रकट रूप में रहते हैं।

हमारे बीच प्रकट रूप में रहने वाले ऐसे ही एक योगी हैं वाराणसी के शिवानंद बाबा। इनकी उम्र 126 साल है। इन्हीं शिवानंद बाबा को 2022 का पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में जब बाबा शिवानंद पहुंचे तो उन्होंने एक बार नहीं तीन बार दंडवत होकर सरकार का आभार जताया। सम्मान लेने जब शिवानंद बाबा पहुंचे तो वहां मौजूद सभी लोगों का हृदय उनके लिए श्रद्धा से भर गया।

राष्ट्रपति ने दिया सम्मान  

वाराणसी के 126 साल के योग गुरु स्वामी शिवानंद बाबा को राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह सम्मान शिवानन्द बाबा को प्रदान किया। पद्मश्री के वक़्त शिवानन्द बाबा ने तीन बार झुककर सभी को प्रणाम किया।

इस दौरान पीएम मोदी का भी अभिवादन करने के लिए जैसे ही शिवानन्द बाबा जमीन पर झुके, पीएम ने भी झुककर उन्हें प्रणाम किया। इस दौरान राष्ट्रपति भवन में उपस्थित उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता अपनी कुर्सी छोड़कर उठ गए थे।

पीएम मोदी ने भी झुककर किया प्रणाम

कबीरनगर इलाके के रहने वाले बाबा शिवानंद की उम्र 126 साल है और वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं. सबसे पहले PM मोदी के सामने उन्होंने बैठकर शीश झुकाया। इस दौरान PM ने भी कुर्सी से उठकर स्वामी शिवानंद को झुककर प्रणाम किया

राष्ट्रपति ने खुद आगे बढ़कर दिया सम्मान

शिवानंद बाबा इसके बाद रेड कारपेट और मंच के पास दो बार झुककर राष्ट्रपति को दंडवत प्रणाम किया। यह दृश्य देख राष्ट्रपति कोविंद भी अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और आगे बढ़कर शिवानंद बाबा को उठाया और पद्मश्री अलंकार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति कोविंद मुस्कुराते हुए बाबा से बातचीत भी की।

सिर्फ उबला भोजन और प्रतिदिन योग

राष्ट्रपति भवन में 126 साल की उम्र में तीन बार झुककर प्रणाम करने वाले शिवानन्द बाबा की दिनचर्या में योगा प्रतिदिन शामिल है पद्मश्री से सम्मानित होने वाले शिवानंद बाबा सिर्फ उबला भोजन करते हैं बाबा शिवानंद की दिनचर्या बेहद सहज है। बाबा हर दिन सुबह 3 बजे उठते हैं। हर दिन करीब एक घंटे योग करते हैं। उसके बाद पूजा पाठ से दिन की शुरुआत करते हैं।

नमक बहुत कम इस्तेमाल करते हैं

शिवानंद बाबा ने बताया कि वो फल और दूध का सेवन नहीं करते बल्कि सिर्फ उबला हुआ भोजन करते हैं और वो भी कम नमक वाला। राष्ट्रपति भवन में अयोजित सम्मान समारोह में जब स्वामी शिवानंद का नाम एनाउंस किया गया तो वह बड़ी फुर्ती के साथ अपनी कुर्सी से उठे और तेज चलते हुए तीन बार अपना शीश नवाया।

126 वर्ष की उम्र में भी कोई रोग नहीं

वाराणसी के दुर्गाकुंड इलाके में रहने वाले शिवानंद बाबा अपनी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल रहते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस बिल्डिंग में वह रहते हैं, वहां पर लिफ्ट भी नहीं है। बिल्डिंग में रहने वाले और लोग बताते हैं कि बाबा जी दिन भर में दो बार बिना किसी सहारे के तीन फ्लोर सीढ़ियां चढ़ते-उतरते हैं। इस दौरान उन्हें कोई समस्या भी नहीं होती।

भारतीय संस्कृति में मानव की 100 वर्ष उम्र सामान्य मानी गई है। उचित आहार, व्यवहार और विचार इन तीनों चीजों का इसमें योगदान होता है, सिर्फ एक से काम नहीं चलता। इन तीनों चीजों का पालन कर व्यक्ति 100 वर्ष क्या उससे ज्यादा भी निरोगी होकर पूरी चुस्ती और फूर्ती के साथ जी सकता है।

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