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BJP को वोट देने पर शौहर ने बीवी को घर से निकाला, तीन तलाक देगा: बीवी फरियाद लेकर यहां पहुंची

यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान ही ये पता चल गया था कि इस बार बड़ी संख्या में महिलाएं अपने पति और दूसरे पुरुष सदस्यों के कहने में ना आकर अपनी मर्जी से बीजेपी के पक्ष में वोट कर रही हैं। इसमें पिछड़ी और दलित जाति की महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी शामिल थीं। अब चुनाव नतीजे आने के बाद इसका असर परिवारों पर दिख रहा है, खासकर मुस्लिम परिवारों में।

मुस्लिम महिला ने पति पर लगाया आरोप

बरेली की एक मुस्लिम महिला ने अपने पति पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को वोट देने के कारण तलाक की धमकी देने का आरोप लगाया है। महिला ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन फरहत नकवी से शिकायत की है।

शौहर ने बीवी को घर से निकाला

बरेली की रहने वाली नजमा उलमा ने आरोप लगाया कि उसने विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट दे दिया तो उसके शौहर ने अपनी बीवी को तीन तलाक देने की धमकी दे डाली और उससे मारपीट कर घर से निकाल दिया। नजमा का कहना है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कई मुस्लिम महिलाओं ने खामोशी से भाजपा को वोट किया है।

तीन तलाक कानून बनने से खुश थीं महिलाएं

मुस्लिम महिलाओं का बीजेपी को वोट देने के पीछे की वजह केंद्र सरकार की ओर से तीन तलाक पर कानून बनाना बताया जा रहा है।

बरेली के एजाज नगर गोटिया निवासी ताहिर अंसारी की बेटी नजमा उलमा अंसारी ने तस्लीम अंसारी से परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। उनका निकाह जनवरी 2021 में हुआ था। ताहिर और उलमा ने घर वालों के खिलाफ जाकर आपस में शादी की। पीड़िता का कहना है कि उसका शौहर तस्लीम और उसके शौहर का मामू सपा का कार्यकर्ता हैं।

बीजेपी को वोट देने पर भड़का पति

नजमा उलमा ने अपने शौहर और उसके मामू से कहा कि मैंने बीजेपी को वोट दिया है, क्योंकि बीजेपी ने महिलाओं के पक्ष में काफी काम किया है, इस बात से गुस्साए तस्लीम ने अपनी पत्नी उलमा को तीन तलाक देने की धमकी दे डाली और मारपीट कर घर से निकाल दिया और यह कहा कि मैं देखता हूं कि बीजेपी सरकार मुझे तुझे तीन तलाक देने से रोक ले।

केंद्रीय मंत्री की बहन से मिली पीड़ित

पीड़ित महिला ने महिलाओं अधिकारों के लिए लड़ने वाली मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से मदद के लिए संपर्क किया। फरहत केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन हैं और मेरा हक फाउंडेशन नाम से एनजीओ चलाती हैं और तीन तलाक पीड़ितों की मदद करती हैं।

नजमा उलमा, फरहत नकवी के पास मदद के लिए पहुंचीं और फरहत नकवी से न्याय की गुहार लगाई। इस पूरे मामले में फरहत नकवी का कहना है कि दोनों के परिजनों को बुलाकर पहले आपस में बात करने की कोशिश की है, जैसी भी होगा उस हिसाब से आगे निर्णय लिया जायेगा। फिलहाल अभी मामला पुलिस के सामने नहीं पहुंचा है।

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