समाचार

पंजाब सरकार के दफ्तरों में लगी भगत सिंह की पीली पगड़ी पर विवाद, रणजीत सिंह की तस्वीर भी हटाया गया

भगत सिंह का पीली पगड़ी के साथ किसी भी तरह का कनेक्शन नहीं, भगत सिंह के भतीजे को पंजाब सरकार ने निराश लौटाया

पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के साथ विवाद भी शुरू हो गए हैं। भगवंत मान सरकार ने आते ही सभी सरकारी दफ्तरों में भगत सिंह और भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने का आदेश दिया। साथ ही इन दफ्तरों से महाराजा रणजीत सिंह और महात्मा गांधी की फोटो हटाने के भी आदेश दे दिए गए। लेकिन सरकारी दफ्तरों में भगत सिंह की जो फोटो लगाई गई है उसमें वो पीली पगड़ी पहने हुए हैं। भगत सिंह की इस पीली पगड़ी को लेकर ही विवाद शुरू हो गया है।

क्या पीली पगड़ी पहनते थे भगत सिंह?

‘मेरा रंग दे बसंती चोला, माये रंग दे’…  साल 2002 में आई फिल्म ‘द लीजेंड्स ऑफ भगत सिंह’ में भगत सिंह बने अजय देवगन पर ये गाना फिल्माया गया था। बॉलीवुड में बसंती या पीले रंग को हमेशा ही भगत सिंह से जोड़ कर देखा गया है। लेकिन क्या सच में भगत सिंह ने कभी पीली पगड़ी बांधी थी, क्या सच में पीला रंग ही भगत सिंह के साथ जुड़ता हुआ नज़र आता है।

अगर इतिहास को खंगालें तो ऐसा नहीं दिखता है। भगत सिंह की जितनी भी तस्वीरें, उनसे जुड़े जितने भी दस्तावेज उपलब्ध हैं उसमें कहीं पर भी ऐसा नहीं दिखता है कि भगत सिंह ने कभी पीली या बसंती रंग की पगड़ी बांधी हो।

भगत सिंह से जुड़े दस्तावेज में उल्लेख नहीं

शहीद-ए-आजम भगत सिंह से जुड़ी कई किताबें लिख चुके और उनके दस्तावजों पर अध्ययन कर चुके जेएनयू के प्रोफेसर चमनलाल ने बताया कि, ‘दस्तावेजों के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि भगत सिंह का पीली पगड़ी के साथ किसी भी तरह का कनेक्शन नहीं है, जो भी दावे किए जाते हैं वह पूरी तरह से गलत हैं’।

चमनलाल के मुताबिक, ‘भगत सिंह की सिर्फ चार ही तस्वीरें उपलब्ध हैं, जिसमें वह उम्र के अलग-अलग पड़ाव में दिखे हैं। चारों ही तस्वीरों में किसी में भी पीली पगड़ी नज़र नहीं आती है। साल 1929 में ‘द ट्रिब्यून’ ने भी अपने फ्रंट पेज पर भगत सिंह की तस्वीर छापी थी, जिसमें वह सफेद पगड़ी बांधे हुए थे।’

भगत सिंह के परिवार ने भी उठाए सवाल

सिर्फ इतिहासकार ही नहीं बल्कि भगत सिंह के परिवार से जुड़े लोग भी इस पर आपत्ति जाहिर करते हैं। दरअसल, भगवंत मान ने मुख्यमंत्री बनने के बाद ऐलान किया कि पंजाब के सरकारी दफ्तरों में अब सरदार भगत सिंह और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाएगी।

भगत सिंह के भतीजे और वीर चक्र विजेता शेहोनान सिंह ने सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में इस बात का जिक्र किया है। शेहोनान सिंह का कहना है कि वह अपनी ओर से पंजाब सरकार को भगत सिंह की असली तस्वीर भेंट देने गए थे, जिसमें वह सफेद पगड़ी में दिखाई पड़ रहे हैं। लेकिन उनसे किसी ने मुलाकात नहीं की, साथ ही मुख्यमंत्री आवास में जो तस्वीर लगी है वह असली ना होकर पेंटिंग के आधार पर बनी हुई है।

गांधी और रणजीत सिंह की फोटो हटी

दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दफ्तर में भगत सिंह की पीली पगड़ी की तस्वीर लगने का ही विवाद नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी और महाराजा रणजीत सिंह की तस्वीर हटाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई गई है।

आपको बता दें कि 23 मार्च को शहीद दिवस भी मनाया जा रहा है। 23 मार्च 1931 को ही भगत सिंह को 24 साल की उम्र में लाहौर की सेंट्रल जेल में फांसी दी गई थी। उनके साथ राजगुरु और सुखदेव को भी अग्रेजी हुकूमत ने फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया था।

Back to top button