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दो शातिर ठगों ने एक पेन से 500 लोगों को लगाया चूना, जानिए कैसे 50 लाख रु से ज्यादा उड़ा लिए

अक्सर लोग दूसरों की पेन से महत्वपूर्ण कागजों पर साइन करते रहते हैं। लेकिन ऐसा करते वक्त सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि दो बदमाशों ने अपनी पेन देकर 500 लोगों से साइन करवाया और 50 लाख से ज्यादा ठग लिए। क्या है पूरा मामला आपको आगे बताते हैं-

टेक्नोलॉजी के साथ ठगी के तरीके भी एडवांस होते जा रहे हैं। लोग नए नए तरीके अपनाकर लोगों को बेवकूफ बनाकर रुपये ऐंठ रहे हैं। ऐसा ही एक ठगी का मामला गाजियाबाद से सामने आया है। यहां दो शातिर ठगों ने मैजिक पेन का यूज करके 500 लोगों को अपना शिकार बनाकर 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। ये दोनों लोगों को कैसे फंसाते थे आपको आगे बताते हैं।

कैंसिल और प्रोसेसिंग फीस के चेक लेते थे

पुलिस के अनुसार दोनों शातिर लोन और बीमा पॉलिसी दिलाने के नाम पर लोगों के कैंसिल और प्रोसेसिंग फीस के चेक लेते थे। इस चैक को वे अपने मैजिक पेन से भरवाते थे। इसके बाद वे उसकी स्याही को रबड़ से मिटा देते थे या फिर आग की लौ के जरिए स्याही को उड़ा देते थे।

एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा के अनुसार साइबर सेल ने बागपत के ककड़ीपुर रमाला निवासी सुनील शर्मा और थाना मेजा, प्रयागराज के गांव निवइया निवासी रजनीकांत शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मैजिक पेन के जरिए लोगों को ठगते थे। इसका मास्टर माइंड सुनील है, जो बीए पास है. वहीं, दूसरा रजनीकांत एलएलबी किए हुए है।

दोनों बीमा कंपनी में कर चुके हैं काम

दोनों ही आरोपी पहले एक बीमा कम्पनी में साथ काम करते थे। यहां से उन्होंने यह सीख लिया कि लोगों से लोन संबंधित बातचीत कैसे करते हैं और लोन के लिए किस तरह के दस्तावेजों की जरूरत होती है। इतना ही नहीं दोनों ने अपने विजिटिंग कार्ड भी छपवा रखे थे ताकि लोग आसानी से उनके झांसे में आ सकें।

ऐसे करते थे ठगी

साइबर सेल के प्रभारी सुमित कुमार के अनुसार दोनों आरोपी बेहद शातिर हैं। यदि कोई व्यक्ति एक लाख रुपये का लोन लेने की इच्छा जाहिर करता था तो वह उससे उसके खाते में तीन दिन के लिए एक लाख रुपये जमा करने के लिए कहते थे। आरोपी कहते थे कि बैंक को हैसियत दिखाने के लिए ही खाते में रकम जमा कराई जा रही है।

इसके बाद आरोपी बैंक वेरिफिकेशन से बचने के लिए पीड़ित को तीन दिन के लिए मोबाइल बंद करने या कॉल अपने नंबर पर ट्रांसफर कराने की बात कहते थे। इसके बाद आरोपी चेक में छेड़छाड़ करके उसमें रकम भरकर बैंक से रकम निकाल लेते थे।

फर्जी आधार कार्ड से लिए थे सिम

जानकारी के अनुसार आरोपियों ने लोगों को कॉल करने के लिए फर्जी आधार कार्ड पर सिम लिए थे। जो लोग लोन लेना चाहते थे, ये दोनों शातिर उनके घर पहुंच जाया करते थे। प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी के नाम पर लोगों से चेक लेते थे और उसे मैजिक पेन से भरवाते थे। बाद में हेराफेरी करके चेक में मनमाफिक रकम भर लिया करते थे। धोखधड़ी के बाद मोबाइल बंद कर लिया करते थे।

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