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पहली बार स्कूलों में दिया जाएगा गीता का गूढ़ ज्ञान, इस राज्य में कक्षा 6-12 के सिलेबस में शामिल

बीजेपी शासित राज्य गुजरात से बड़ी खबर ये है कि यहां पहली बार सामान्य स्कूलों के पाठ्यक्रम में श्रीमदभागवत गीता को शामिल किया गया है। गुरुवार को गुजरात सरकार की ओर से जारी की गई नई शिक्षा नीति में इस बात का ऐलान किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत अब प्रदेश के सभी स्कूलों में छठी से 12वीं कक्षा के तक के बच्चों को भगवत गीता के सिद्धांत और मूल्यों को पढ़ाया जाएगा। यह पहला मौका है जब स्कूल की छोटी कक्षाओं में भी गीता का ज्ञान दिया जाएगा।

सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि स्कूल के बच्चे गीता के ज्ञान और उसके मूल्यों को जान सकें इसके लिए गीता पर वक्तृत्व स्पर्धा, श्र्लोक गान और साहित्य का आयोजन भी किया जाएगा। गुजरात सरकार ने स्कूलों में भगवत गीता को पढ़ाने का ऐलान ऐसे वक्त में किया है, जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव

गुजरात विधानसभा चुनाव इस साल नवंबर या दिसंबर में होने की संभावना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि राज्य में वर्तमान सरकार का कार्यकाल 18 फरवरी, 2023 को समाप्त हो जाएगा। राज्य में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार का शासन है। राज्य में 182 विधानसभा सीटें हैं और विधानसभा में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए, किसी भी पार्टी या पार्टियों के गठबंधन को बहुमत के निशान तक पहुंचने के 92 सीटें जीतने की जरूरत है।

इस ऐलान से साफ है कि बीजेपी इस बार भी गुजरात में विकास के साथ-साथ भारतीय संस्कृति औऱ राष्ट्रवाद के मुद्दे के साथ ही चुनाव मैदान में उतरेगी। आपको बता दें की पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। इस बार कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी गुजरात चुनाव को लेकर काफी गंभीर है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

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