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7 साल बाद बेटे-बेटी से गले लगकर भावुक हुए CM भगवंत मान, शपथ ग्रहण में शामिल होने अमेरिका से आए

16 मार्च को जब भगवंत मान शहीद भगत सिंह के गांव में पंजाब के सीएम की शपथ ले रहे थे, तो जन सैलाब उमड़ा था जिधर देखो उधर पीली पगड़ी में लोग नजर आ रहे थे। सब भगवंत मान को बधाई देने पहुंचे थे। इन हजारों बधाई देने वालों में सीएम भगवंत मान के बेटे और बेटी भी थे, जो इस खास मौके के लिए सीधे अमेरिका से यहां पहुंचे थे।

भावुक हो गए भगवंत मान

अपने शपथ ग्रहण समारोह में बेटे और बेटी को देखकर भगवंत मान भावुक हो गए। वह लगभग 7 वर्ष के बाद अपने दोनों बच्चों को मिले। भगवंत मान ने उन्हें गले से लगा दिया। मान के दोनों बच्चे अमेरिका में पढ़ रहे हैं।

बता दें, 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भगवंत मान की पत्नी इंद्रप्रीत कौर ने मान के लिए चुनाव प्रचार भी किया था, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। पत्नी दोनों बच्चों को लेकर अमेरिका चली गईं थी, लेकिन समारोह में भाग लेने के लिए दोनों बच्चे विशेष तौर पर अमेरिका से पंजाब आए। यह सबके लिए चौकाने वाला था।

समारोह स्थल पर बसंती दुपट्टे लेकर सेल्फी लेने का क्रेज इतना था कि पंडाल में भी लोग एक-दूसरे से मांग-मांग कर बसंती पगड़ी और दुपट्टा लेकर सेल्फी ले रहे थे। पंडाल को बसंती रंग से सजाया गया था

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य मंत्रियों के साथ पीली पगड़ियां पहनकर भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे। उनके लिए अलग से स्टेज लगाया गया था।

लोग सुबह 7 बजे से ही पंडाल में जुटने शुरू हो गए थे। दोपहर तक अपने चहेते नेता भगवंत मान का शपथ ग्रहण समारोह देखने को लेकर टिके रहे। हालांकि प्रोग्राम लगभग एक घंटा लेट हो गया।

समारोह स्थल पर ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’ गीत बजते रहे। जिन पर लोगों ने खूब डांस किया। इसके अलावा बीच-बीच में भगवंत मान के जीवन और उनके संघर्ष संबंधी आडियो डाक्यूमेंटरी भी चलाई गई।

 

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खटकड़कलां की ओर से आने वाले रास्तों पर लोगों की ओर से गन्ने के रस से लेकर चाय और खाने पीने के लंगर लगा रखे थे। लोगों का खूब हुजूम उमड़ा। सड़कों पर वाहनों को रोक-रोक कर लंगर खिलाया गया। हर कोई यह कहता नजर आया कि कि पंजाब की अब नुहार बदलने वाली है।

पंडाल में भारी भीड़ थी। लोग सुबह से बैठे थे, लेकिन उन्हें पीने के लिए पानी नहीं मिला। हालांकि प्रशासन की ओर से पानी से लेकर शौचालयों तक का पूरा इंतजाम किया गया था। सबसे ज्यादा किल्लत लोगों को पानी की हुई।

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