राजनीति

सफाई कर्मी पहले बना BJP कार्यकर्ता फिर बन गया विधायक, चुनाव के लिए सफाईकर्मियों ने जुटाया चंदा

पांच राज्यों के इस बार के विधानसभा चुनाव में कई ऐसे लोग भी विधायक बने हैं जो बेहद साधारण और गरीबी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पंजाब में कई साधारण लोग विधायक बने हैं। तो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी गरीबी में जीवन बसर कर रहे कई लोगों ने चुनाव में कई अमीरों को परास्त कर चुनाव जीता है। ऐसे एक शख्स हैं गणेश चद्र जो यूपी में बीजेपी के टिकट पर विधायक बने हैं।

एक सफाई कर्मी बना विधायक

संतकबीर नगर जिले की धनघटा विधानसभा क्षेत्र के मुड़ाडीहा गांव में एक गरीब परिवार में पैदा हुए गणेश चंद्र चौहान लोगों के प्यार और खुद के हौसले की बदौलत सफाई कर्मी से विधायक बन गए। कोरोना काल में लोगों की सहायता के लिए सुबह में ही घर से निकल जाते थे।

जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख के भागीदार बने रहे। इसी का परिणाम रहा कि इस विधानसभा चुनाव में हर तबके के लोगों ने उनका समर्थन किया और भाजपा के टिकट पर वो विधान सभा में पहुंच गए। उनकी इस जीत की पूरे इलाके में चर्चा है।

1995 में आरएसएस से जुड़े थे

गरीब और साधारण परिवार के गणेश RSS की विचारधारा से प्रभावित थे। उन्होंने 1995 में आरएसएस में बतौर कार्यकर्ता के रूप में कार्य करना शुरू किए। उन्हें वर्ष 2005 में सफाई कर्मी की नौकरी मिली। गांव की सफाई करने वाले इस सफाई कर्मी को लोग हेय दृष्टि से देखते थे। लेकिन वो हमेशा लोगों की बातों का शालीनता से जवाब देते थे और अपने कदम आगे बढ़ाते रहे। इसी दौरान उन्हें पतजीव गांव निवासी फतेह बहादुर सिंह उर्फ जोखई सिंह एक राजनीतिक गुरू के रूप में मिले।

फतेह बहादुर सिंह ने इन्हें राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनके सहयोग से दिसंबर-2020 में गणेश की पत्नी कालिंदी देवी चौहान संठी से क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ी और विजयी हुई। वहीं जुलाई-2021 में ब्लाक प्रमुख पद के लिए कालिंदी प्रत्याशी बनी, लेकिन वह चुनाव हार गई।

इसके बाद भी गणेश का हौसला कम नहीं हुआ। रेलवे स्टेशन पर घूम-घूम कर चाय बेचने वाले व्यक्ति के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने और इसके बाद प्रधानमंत्री बनने वाले नरेंद्र मोदी से वह काफी प्रभावित रहे। कुछ माह पूर्व टीवी चैनल पर प्रधानमंत्री मोदी के एक सफाई कर्मी का पांव पखारते देख गणेश भी समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित हुए। अपने क्षेत्र में वह भी गरीबों की सेवा में जुट गए

सफाई कर्मियों ने जुटाया चंदा

गणेश धनघटा विधानसभा (सुरक्षित) से भाजपा प्रत्याशी बनाए गए। सफाई कर्मियों के अलावा तमाम लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए चंदा दिया। जनता के आर्थिक सहयोग से वह गांव-गांव, घर-घर प्रचार-प्रसार करते रहे। लोगों का उन्हें समर्थन मिलता रहा। इसी का परिणाम रहा कि वह सपा-सुभासपा के प्रत्याशी अलगू प्रसाद चौहान को 10553 मतों से हराकर धनघटा के विधायक बन गए। गणेश चंद्र चौहान का कहना है कि गरीबी कोई मायने नहीं रखती। लोगों के प्यार और स्वयं के हौसले से कोई भी साधारण व्यक्ति आगे बढ़ सकता है।

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