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इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद गृहयुद्ध जैसे हालात, लोगों ने पाकिस्तानी सेना को भगाया

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाने को लेकर वहां बवाल मचा हुआ है। इमरान खान की कुर्सी को बचाने के लिए गृहमंत्री शेख रशीद के इशारे पर पुलिस ने संसद के अंदर बने लॉज में छापा मारा। ये पुलिसकर्मी पाकिस्‍तान की देवबंदी इस्‍लामिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्‍लाम फजल गुट के वालंटियर फोर्स अंसारउल इस्‍लाम के सदस्‍यों को पकड़ने के लिए पहुंचे।

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विपक्षी सांसदों को सुरक्षा देने के लिए लॉज में  अंसारउल इस्‍लाम के सदस्‍यों को बुलाया गया था, ताकि उनके साथ कोई जोर-जबरदस्ती ना हो। लेकिन पुलिस वहां पहुंच गई।

जोरदार प्रदर्शन, सेना को भगाया

इस कार्रवाई से भड़के जमीयत के सदस्‍यों ने देशभर में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। पेशावर में तो उन्‍होंने पाकिस्‍तानी सेना के जवानों को घेर लिया और पीछे भागने के लिए मजबूर कर दिया।

4 सांसदों को गिरफ्तार किया गया

पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के मुताबिक इस्‍लामाबाद पुलिस ने इस अभियान के दौरान अंसारउल इस्‍लाम के दर्जनों कार्यकर्ताओं और 4 सांसदों को अरेस्‍ट किया है। वहीं कई सांसदों ने संसद के लॉज में इस पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अपनी गिरफ्तारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीयत के सांसदों की सुरक्षा में लगे अंसारउल इस्‍लाम के कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने के लिए पुलिस ने यह कार्रवाई की।

दरअसल, विपक्ष को डर है कि अविश्‍वास प्रस्‍ताव से पहले उनके सांसदों को इमरान खान के इशारे पर उठाया जा सकता है, इसी वजह से वे अपने सांसदों की सुरक्षा खुद कर रहे थे।

मौलाना फजलूर रहमान की चेतावनी

इस्‍लामाबाद पुलिस की इस कार्रवाई पर भड़के जमीयत के नेता मौलाना फजलूर रहमान बड़ी संख्‍या में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए और देशभर में अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सड़कों पर उतरें और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करें।

मौलाना ने कहा कि इमरान सरकार उनके कार्यकर्ताओं से डर गई है। उन्‍होंने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद अपनी सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। यही वजह है कि कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। मौलाना के आह्वान पर ही पेशावर में जमीयत के सदस्‍यों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्‍होंने पाकिस्‍तानी सेना के एक वाहन को घेर लिया और पीछा कर लिया। इससे सैनिकों को वहां से पीछे भागना पड़ा।

पीपीपी ने पुलिस एक्शन की निंदा की

इस बीच पीपीपी नेता आसिफ अली जरदारी और उनके बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी ने संसद के लॉज के अंदर पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्‍होंने कहा कि यह इस बात का सबूत है कि इमरान खान घबराए हुए हैं। बिलावल ने कहा कि इमरान ने सांसदों के घरों की शुचिता को भंग कर दिया है जहां बड़ी संख्‍या में उनके परिवार रहते हैं।

गृहमंत्री की सफाई

उधर, पाकिस्‍तान के गृहमंत्री शेख रशीद ने कहा है कि साल 2019 में ही प्राइवेट मिलिशिया को भंग कर दिया गया था। उन्‍होंने दावा किया कि पुलिस ने किसी सांसद को अरेस्‍ट नहीं किया है और जो लोग पुलिस स्‍टेशन में हैं, वे खुद ही वहां गए हैं।

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