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यहां शौक नहीं, मजबूरी बनती है लिव-इन में रहने की वजह, चर्चा में है यह अनोखा सामूहिक विवाह

झारखंड में अनोखा सामूहिक विवाह हुआ है। इसमें बिना वैध शादी के एक साथ रह रहे 1320 कपल ने एक साथ शादी कर अपने रिश्ते को वैधता और सामाजिक मान्यता प्रदान की। यह अनोखी शादी शनिवार को खूंटी में हुई। जहां लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे 1320 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंध गए।

ढुकू जोड़ों ने की शादी

ये सभी 1320 जोड़े गरीबी के कारण शादी नहीं कर पा रहे थे। साथ ही वो शादी करने और गांव वालों को शादी का भोज खिलाने में असमर्थ थे। समाज में ऐसे कपल को ढुकू  के नाम से तिरस्कार किया जाता था। लेकिन विधिवत शादी के बाद  अब इन लोगों को सामाजिक स्तर पर मान्याता मिल गई है।

फुटबॉल मैदान में हुआ शादी समारोह

खूंटी के बिरसा महाविद्यालय स्थित फुटबॉल मैदान में शादी समारोह का आयोजन हुआ। जहां कई सालों से साथ रह रहे ढ़ुकु जोड़ियां शादी के पवित्र बंधन में बंधी। बता दें कि सैकड़ों जोड़ियां अपने बच्चों को साथ लेकर शादी समारोह में शामिल हुई थीं। शादी के बाद ये जोड़ियां खुश और उत्साहित नजर आईं। दरअसल समाज में ढ़ुकु को इज्जत नहीं मिलती है और न ही इनके बच्चों को कानून में कोई हक मिलता है।

गरीबी ऐसे बनी लिव-इन की वजह

कई बार यहां प्रेमी जोड़े शादी तो कर लेते हैं लेकिन जब प्रेमी जोड़े समाज में लोगों को शादी भोज खिलाने में असमर्थ रहते हैं तो उन्हें बिना वैध शादी के ही लिव इन में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इसकी वजह से इनकी मजबूरी को सामाजिक कुरीतियों की ऐसी मार पड़ती है कि इन्हें समाज में ढुकू के नाम से बुलाया जाता है। लोग इनके सामाजिक समारोह में शामिल होने का अधिकार छीन लेते हैं और लोगों के ताने सुनने पड़ते हैं।

राज्यपाल ने दिया आशीर्वाद

विवाह समारोह सरना धर्म के अनुसार संपन्न हुआ। इस आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेश वैश्य ने वर्चुअल तरीके से नविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने इन सभी जोड़ों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसमें जिले के डीसी, एसपी सहित सभी अधिकारियों ने भी वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

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