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यूक्रेन ने बनाया ‘सीक्रेट प्लान, राष्ट्रपति के सलाहकार बोले-रूसी सेना को जमीन में ही गाड़ देंगे

यूक्रेन में रूसी सेना और यूक्रेनी सेना के बीच भीषण जंग जारी है। जंग के बीच दोनों पक्ष एक दूसरे के भारी नुकसान का दावा कर रहे हैं। रूस से काफी कमजोर माने जा रहे यूक्रेन ने भी बढ़चढ़ कर दावे किए हैं। यूक्रेन की सेना ने तो दावा किया है कि अब तक की लड़ाई में 9,166 रूसी जवान मारे गए हैं।

इधर जंग बीच यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की के सलाहकार अलेक्‍सेय अरेस्‍टोविच ने कहा है कि यूक्रेन की सेना को भाग्‍य भरोसे सफलता नहीं मिल रही है। उन्‍होंने कहा कि यूक्रेन की सेना एक सीक्रेट प्‍लान के तहत आगे बढ़ रही है और इसी वजह से उन्‍हें सफलता मिल रही है औऱ इस सिक्रेट प्लान के तहत रूसी सेना को जमीन में गाड़ देंगे।

अलेक्‍सी ने फेसबुक पर लिखे अपने एक पोस्‍ट में कहा, ‘हमारी सफलता का एक पैटर्न है जो विशेष रूप से बनाया गया है और स्‍पष्‍ट रूप से लागू किया गया है।’ उन्‍होंने दावा किया कि यूक्रेन की सेना और आम जनता की ओर से किए जा रहे प्रतिरोध से रूसी सेना को पराजित करेंगे। उन्‍होंने कहा, ‘रूसी सेना मजबूत नहीं है, यह केवल विशाल है।’ अलेक्‍सी ने कहा कि विदेशी रक्षा अधिकारी इस बात से आश्‍चर्य में हैं कि कितनी अच्‍छी तरह से यूक्रेन की सेना और उसका नेतृत्‍व इस युद्ध को लड़ रहा है।

रूसी सेना को दफ्न कर देंगे

यूक्रेनी राष्‍ट्रपति के सलाहकार ने यह भी दावा किया कि इतने बड़े हमले के खिलाफ बहुत कम समय मिलने के बाद भी हमें सफलता मिल रही है। उन्‍होंने कहा, ‘पुतिन के 10 में से 8 सैनिक यहां पर हैं। यह वह जगह है जहां उन्‍हें दफन किया जाएगा।

उधर यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि 24 फरवरी से शुक्रवार तक रूस ने 939 बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, 404 यूनिट ऑटोमोबाइल उपकरण, 251 टैंक, 105 आर्टिलरी सिस्टम, 60 ईंधन टैंक, 50 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर, 37 हेलीकॉप्टर, 33 विमान भी नष्ट कर दिए हैं।

शुक्रवार को भी एक फेसबुक पोस्ट में, यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने खुलासा किया कि रूस अभी भी कीव पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, इसने अधिकांश परिचालन भंडार को समाप्त कर दिया है और दक्षिणी और पूर्वी सैन्य जिले में अतिरिक्त बलों और संसाधनों के हस्तांतरण की तैयारी शुरू कर दी है।

इसमें कहा गया है कि रूसी सैनिकों का एक समूह काला सागर में नौसैनिक ठिकानों से हट गया है, हालांकि वे ‘जातोका में नौसैनिकों को उतारने की तैयारी’ कर रहे हैं। पोस्ट में आगे कहा गया है कि रूसी सैनिकों ने एक अन्य रणनीतिक शहर खेरसान पर कब्जा करने के एक दिन बाद बंदरगाह शहर मारियुपोल को घेरने में कामयाबी हासिल की है।

नौ दिन पहले शुरू हुए हमले के बाद से खेरसान रूसी सेना के हाथ आने वाला पहला बड़ा शहर बन गया है। इसके अलावा शुक्रवार को, रूसी सैनिकों ने जापोरिज्या परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर कब्जा कर लिया, जहां पहले दिन में गोलाबारी के कारण आग लग गई थी।

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