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बड़ा खुलासा: चीन को पहले से थी यूक्रेन पर हमले की खबर, इस वजह से कुछ दिन रूस को रोका हुआ था ड्रेगन

यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच ये खबर भी आई है कि इस हमले के बारे में चीन को पहले से पता था। आपको बता दें कि चीन और रूस में काफी घनिष्ठ संबंध हैं। जहां पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंध लगाने में जुटे हैं वहीं चीन ने रूस पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया है। रूस की मदद के लिए चीन ने गेहूं आयात पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए हैं। संयुक्‍त राष्‍ट्र में भी चीन ने रूसी हमले का विरोध नहीं किया है।

चीन को हमले की जानकारी थी

इस बीच अब खुलासा हुआ है कि चीन को यूक्रेन पर हमले की पहले से ही जानकारी थी और उसने फरवरी के शुरुआती महीने में रूसी अधिकारियों से अनुरोध किया था कि चीन में हो रहे विंटर ओलंपिक के खत्‍म होने तक हमला नहीं करें।

अमेरिकी अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने बाइडन प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कुछ वरिष्‍ठ चीनी अधिकारियों को रूस की यूक्रेन पर हमले की योजना या इरादे के बारे में कुछ हद तक पहले से ही जानकारी थी। एक सूत्र ने रायटर से इस बात की पुष्टि की है लेकिन उन्‍होंने विस्‍तृत जानकारी नहीं दी। सूत्र ने अपनी पहचान बताने से भी इंकार कर दिया।

विंटर ओलंपिक खत्म होते ही शुरू हुई जंग

रूस का यह हमला विंटर ओलंपिक खत्‍म होने के ठीक बाद शुरू हुआ था। अमेरिका की ओर से कई बार चेतावनी देने के बाद रूस ने तीन तरफ से यूक्रेन पर हमला बोल दिया था। इस बीच वॉशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्‍ता लियू पेंगयू ने कहा, ‘ये खबरें अटकल पर आधारित हैं और उनका कोई आधार नहीं है। इसका मकसद आरोप लगाना है और चीन की बदनामी है।’ अमेरिका के विदेश विभाग या सीआईए ने कोई बयान अभी तत्‍काल नहीं दिया है।

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने कहा कि चीन और रूस के बीच हुई बातचीत के बारे में पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों ने जानकारी इकट्ठा की है। इसकी समीक्षा करने वाले अधिकारियों ने इसे विश्‍वसनीय करार दिया है। अमेरिका खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना को अमरिका और अन्‍य सहयोगी देशों ने साझा की थी। हालांकि अभी यह स्‍पष्‍ट नहीं है कि चीन के राष्‍ट्रपति और पुतिन के बीच हमले को लेकर चर्चा हुई थी या नहीं

यह खबर ऐसे समय पर सामने आई है जब पश्चिमी देश जहां यूक्रेन हमले को रूस पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, वहीं चीन ने इससे इनकार कर दिया है। चीन के बैंक रेगुलेटर ने कहा है कि उनका देश रूस पर वित्तीय प्रतिबंध लगाने के अमेरिका और यूरोपीय सरकारों के कदम में शामिल नहीं होगा। बता दें कि चीन रूस के तेल और गैस का एक प्रमुख खरीदार है। चीन ने यूक्रेन पर मॉस्को के हमले की आलोचना करने से भी परहेज किया है। चीन ने यह भी कहा है कि वह रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का विरोध करता है।

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