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पंजाब में प्रचार के दौरान आतंकी के घर ठहरे केजरीवाल, खालिस्तानियों से सांठगांठ का बेहद गंभीर आरोप

झाड़ू का सबसे बड़ा नेता आतंकी के घर पाया गया, खालिस्तानी संगठनों से आम आदमी पार्टी का करीबी रिश्ता?

पंजाब विधानसभा चुनाव में वोटिंग से पहले एक बार फिर आम आदमी पार्टी और उसके अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को लेकर बड़ी बात सामने आई है। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर बहुत गंभीर आरोप लगा है। ये बड़ा और गंभीर आरोप कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लगाया है। पंजाब में चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने ये बड़ा आरोप लगाया।

झाड़ू का सबसे बड़ा नेता आतंकी के घर पाया गया

राहुल गांधी ने पंजाब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता आतंकवादी के घर भी मिल सकते हैं। उन्होंने AAP के मुखिया पर आतंकवादियों के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर भरोसा नहीं किया जा सकता है। राहुल गांधी ने बरनाला में जनसभा में कहा, ‘चाहे कुछ भी हो जाए कांग्रेस का कोई नेता आतंकवादी के घर कभी नहीं मिलेगा। झाडू का सबसे बड़ा नेता एक आतंकवादी के घर पर पाया जा सकता है। यही सच्चाई है।’

कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने भी आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि आम आदमी पार्टी की फंडिंग कनाडा से होती है और खालिस्तानी संगठनों से आम आदमी पार्टी का करीबी रिश्ता है। राहुल गांधी ने जिस आतंकी के घर केजरीवाल के ठहरने की बात कही है उसका नाम गुरिंदर सिंह है।

कौन है गुरिंदर सिंह?

अरविंद केजरीवाल जिस गुरिंदर सिंह के घर पर रुके आखिर वह कौन है? गुरिंदर सिंह इंग्लैंड का नागरिक है और वह अधिकांश समय इंग्लैंड में ही रहता है। लेकिन मोगा जिले में उसके पैतृक गांव घाल कलां में भी उसका एक घर है, जो वह किराए पर देता है। 2017 में केजरीवाल जब उसके घर में रुके तो गुरिंदर वहां मौजूद नहीं था। गुरिंदर का नाम 1997 में मोगा जिले के बाघापुराना में एक मंदिर के पास हुए बम धमाके से भी जुड़ा था। गुरिंदर पर खालिस्तान कमांडो फोर्स के एक मॉड्यूल का हिस्सा होने का आरोप भी था, जिसने इस विस्फोट को अंजाम दिया था। हालांकि कोर्ट ने सबूतों के अभाव में गुरिंदर को सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

Arvind Kejriwal

2017 में गुरिंदर के घर ठहरे थे केजरीवाल

2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान जब आप ने पंजाब में अपनी शुरुआत की। तो अरविंद केजरीवाल ने इसको लेकर राज्य भर में बड़े पैमाने पर यात्रा की। इस दौरान वे अपने समर्थकों के घरों या पार्टी की तरफ से प्रबंध किए गए घरों पर रुके। 2017 के चुनाव में 29 जनवरी को अरविंद केजरीवाल गुरिंदर के घर पर रूके। इसके दो दिन बाद ही बठिंडा जिले के मौर मंडी में दो बम विस्फोट हुए, जिसमें सात लोग मारे गए। शुरू में जैसे ही पुलिस ने इस हमले खालिस्तानी समूह के शामिल होने की बात कही तो कांग्रेस और अकाली दल ने इसको केजरीवाल के गुरिंदर के घर जाने और वहां ठहरने का मुद्दा उठाया था।

विरोधियों ने यह भी आरोप लगाया कि कैसे मौर बम विस्फोट के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर आम आदमी पार्टी कभी मुखर नहीं रही।

दूसरे दलों ने भी AAP पर लगाए गंभीर आरोप

बीजेपी और उनके सहयोगी अमरिंदर सिंह भी कह रहे हैं कि अलगाववादी तत्व आम आदमी पार्टी को जीतते हुए देखना चाहते हैं। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी आप पर कट्टरपंथियों से सांठगांठ रखने का आरोप लगाया है।

कुमार विश्वास कि टिपण्णी प्रसारित करने पर रोक हटी

इधर चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कुमार विश्वास की विस्फोटक टिप्पणी को प्रसारित करने पर प्रतिबंध हटा दिया है। दरअसल, चुनाव आयोग ने बुधवार को मीडिया को उस वीडियो को प्रसारित करने से रोक दिया था, जिसमें कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर पंजाब के मुख्यमंत्री या एक स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) के प्रधानमंत्री बनने की चाह रखने का आरोप लगाया था।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुमार विश्वास को एक पुरानी चर्चा को याद करते हुए सुना गया, जिसमें वह कह रहे थे, “एक दिन, उन्होंने (अरविंद केजरीवाल ने) मुझसे कहा कि वह या तो (पंजाब के) मुख्यमंत्री बनेंगे या एक स्वतंत्र राष्ट्र (खालिस्तान) के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे… वह किसी भी कीमत पर सत्ता चाहते हैं…”

राजनीतिक हलकों में कुमार विश्वास की इस टिप्पणी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।

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