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आइएसआइएस का मुखिया बगदादी है जिन्दा, विश्व को दहलाने के लिए बना रहा आतंक की नई योजना!

सुलेमानिया: अभी कुछ दिनों पहले यह खबर आयी थी कि आईएसआईएस का पूरी तरह से सफाया हो गया है। जो कुछ आतंकी बचे हुए हैं, वह छुपने के लिए शरण खोज रहे हैं। आईएसआइएस के मुखिया अबू बकर अल बगदादी की मौत हो गयी है। लेकिन हाल ही में कुर्दिश सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि आईएसआइएस मुखिया बगदादी मरा नहीं बल्कि अभी जिन्दा है।

हमले में मारा गया था बगदादी:

उन्होंने यहाँ तक कहा कि उसे 99 प्रतिशत यकीन है कि बगदादी को दक्षिण सीरिया के रक्का शहर में देखा गया है। कुछ दिनों पहले एक अधिकारी ने दावा किया था कि एक सैन्य हमले में अबू बकर अल बगदादी और उसके कई साथी मारे गए हैं। इसी के साथ सीरिया से आइएसआईएस का पूरी तरह सफाया हो गया। लेकिन यहाँ तो कुछ और ही मामला नजर आ रहा है।

आइएसआइएस के अंत से मिली राहत:

आपको बता दें आइएसआइएस के आतंक से केवल सीरिया और इराक ही नहीं बल्कि पूरा विश्व परेशान था। आइएसआइएस ने महिलाओं एवं बच्चों को भी अपना शिकार बनाने से परहेज नहीं किया। इंसानियत की हदें पार करके आइएसआइएस के आतंकी अपने दुश्मनों को सजा देते थे। बगदादी के मरने की खबर से लोगों को थोड़ी राहत की साँस मिली थी।

कई भारतीय युवा भी जुड़ना चाहते थे आईएसआइएस से:

आइएसआइएस की पैठ धीरे-धीरे पुरे विश्व में बढ़ रही थी, ऐसे में भारत कैसे अछूता रह सकता था। पिछले दिनों यह खबर मीडिया में आयी थी कि कई भारतीय युवा भी आइएसआइएस के साथ जुड़ना चाहते हैं। कुर्दिश अधिकारी ने मीडिया को बताया कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आइएसआइएस की जड़ें इराक में अल कायदा के समय से जुडी हुई हैं।

रक्का में आइएसआइएस की पकड़ है मजबूत:

बगदादी हमेशा से ही सुरक्षा बलों से बचता रहा है। वह जनता है कि वह क्या कर रहा है और उसे क्या करना है? सुरक्षा बलों ने आइएसआइएस की जड़ को इराक के मोसुल शहर से काट दिया है, लेकिन रक्का शहर में इस आतंकवादी संगठन की मजबूत पकड़ है। हालांकि अल कायदा और आइएसआइएस जैसे दोनों बड़े आतंकवादी संगठन टूट गए हैं लेकिन अब आइएसआइएस दुनिया में आतंक फैलाने की नई रणनीति पर काम कर रहा है।

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