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खुलासा : अमरनाथ हमले के चश्मदीद ने बताया – वो आतंकी हमला नहीं था बल्कि…

नई दिल्ली – 9 जुलाई कि रात जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही एक बस पर हमला कर दिया जिसमें छह महिलाओं समेत गुजरात के सात की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए। पूरे देश में चारों तरफ इस आतंकी हमले की निंदा हो रही है। सावन के सोमवार में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे इन लोगों पर जो हमला हुआ वो वाकई में हिन्दु धर्म को ठेस पहुंचाने वाला था। Amaranth yatra terror attack.

बस पंक्चर होने की वजह से लोग बन गए आतंकी हमले के शिकार :

हमले के एक चश्मदीद के मुताबिक, हमारी बस के सभी यात्री बड़े उत्साह से बैठे हुए थें। सुबह से 5 बजकर 15 मिनट पर जब बस पहाड़ों के घुमावदार रास्तों से गुजर रही थी उसी दौरान वह पंचर हो गई। जिसके बाद ड्राईवर बस को पंक्चर की दुकान पर ले गया। जब तक बस ठीक होती रही सभी यात्री नीचे उतरकर एक दूसरे से बात कर रहे थे। ये हमला वाकई में काफी दुखद था। देश का हर इंसान इन 7 श्रद्धालुओं की दुर्भाग्यवश मौत पर दुखी है, लेकिन हमले के एक चश्मदीद ने इस हादसे को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किये हैं जिन्हें जानकर आपको भी दुःख होगा।

हमें लगा सेना के जवान हम पर गोलिंया बरसा रहे हैं :

चश्मदीद के मुताबिक, हम उस शाम बस पर अचानक से गोलियां बरसने लगीं। हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। लेकिन हमारे होश उस वक्त उड़ गए जब हमने देखा कि सेना के जवान हमपर गोलियां बरसा रहे हैं। हमें समझ नहीं आया कि आखिर सेना के जवान हम पर गोलियां क्यों बरसा रहे हैं? लेकिन कुछ देर बाद समझ आया कि वो सेना के जवान नहीं बल्कि आतंकी थे। जो सेना की वर्दी पहनकर हमपर गोलियां बरसा रहे थे।

वो आतंकी नहीं थे बल्कि वो तो :

इस मामले को लेकर चश्मदीद एक चौकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वो आतंकी हमला नहीं था। हालांकि, ये बात सुनने में थोडा अजीब ज़रूर लग सकती है। लेकिन, उस रात श्रद्धालुओं पर जिसने हमला किया वो आतंकी सेना की वर्दी पहनकर आये थे। जिसकी वजह से कई लोगों ने शुरु में ये समझा कि सेना के जवानों ने उनपर गोलियां बरसाई हैं। एक बात ये भी सामने आई है कि बटेंगू में आतंकियों और पुलिस के बीच मुठभेंड चल रही थे, उसी मुठभेड़ के वक्त यात्रियों से भरी बस बीच में आ गई और आतंकियों कि गोलियों का निशाना बन गई।

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