जानिये सुप्रिम कोर्ट के किस ऐतिहासिक फ़ैसले से धारा ३७० हटाने के दिशा मैं मिला बल?

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सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.  . इस फैसले के तहत अब जम्मू-कश्मीर के केस भी देश के दूसरे हिस्सों में ट्रांसफर किए जा सकेंगे.

इससे पहले किसी मुकदमे को दूसरे राज्य ट्रांसफर करने से जुड़े क्रिमिनल प्रोसिजर कोड (सीआरपीसी) और सिविल प्रोसिजर कोड (सीपीसी) के प्रावधान जम्मू-कश्मीर में लागू न होने के चलते वहां के मामले दूसरे राज्यों में ट्रांसफर नहीं हो पाते थे.

अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत सबको न्याय पाने का मौलिक अधिकार है. कोई भी कानूनी प्रावधान इससे नागरिकों को वंचित नहीं कर सकता.

सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, अगर कोई किसी दूसरे राज्य में जाकर मुकदमा लड़ने में असमर्थ है या न्याय के लिए मामले को किसी राज्य से ट्रांसफर करना ज़रूरी है तो ऐसा किया जाना चाहिए. ये प्रावधान देश के सभी राज्यों में लागू है. जम्मू-कश्मीर को अपवाद नहीं बनाया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अगर कोई जम्मू-कश्मीर में चल रहे किसी मुकदमे को बाहर ट्रांसफर करने के लिए उसका दरवाज़ा खटखटाएगा तो वो इस पर विचार करेगा.

इस से ये संकेत मिलता है कि जल्दी ही जम्मु कश्मीर से धार ३७० हट सकती है

अगले पेज पर जानिये धारा ३७० के कुछ अंजाने पहलू

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