समाचार

भारतीय सेना ने चीनी वीडियो का किया पर्दाफाश: दो तस्वीरों ने कैसे खोली चीन के फर्जीवाड़े की पोल?

एक बार फिर चीन के प्रोपगेंडा का भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है। ऐसा तब हुआ जब नए साल के मौके पर भारतीय सेना के जवानों ने लद्दाख की गलवान घाटी में राष्ट्रीय ध्वज को फहरा दिया। इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसमें सेना के जवान तिरंगा फहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। ये तस्वीरें तब सामने आ रही जब मीडिया में ये चर्चा है कि चीन ने इस क्षेत्र में अपना तिरंगा फहराया था।

न्यूज एजेंसी ANI ने इससे जुड़ी दो तस्वीरें साझा की हैं। इस तस्वीरों में 30 जवान तिरंगे के साथ दिखाई दे रहे हैं और उनके हाथ में हाल ही में सेना शामिल की गई सिग सॉर राइफलें हैं। ये हथियार पूरी दुनिया और मीडिया को यह बताने के लिए हैं कि ये तस्वीरें बिल्कुल नई हैं। खास बात है कि भारतीय सेना ने उसी जगह पर तिरंगा फहराया है जहां चीन ने अपना ध्वज फहराने का दावा किया था। वास्तविकता ये है कि चीन ने गलवान में हुई हिंसक झड़प वाले क्षेत्र में चीनी ध्वज फहराया ही नहीं था।

फर्जी साबित हुआ चीन का वीडियो

चीन ने इससे पहले एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में ये दावा किया गया था कि गलवान के उस इलाके में उसने चीनी ध्वज फहराया है जहां चीनी सैनिकों और भारतीय सेना के बीच हिंसक छड़प हुई थी। इस वीडियो की सच्चाई पर कई सवाल भी उठे थे। इसे चीन की दबाव बनाने की रणनीति से जोड़ कर भी देखा जा रहा था। लेकिन अब भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दे दिया है।


जून 2020 में हुई थी हिंसक झड़प

गौरतलब है कि गलवान घाटी के पेट्रोल पॉइंट 14 पर भारत और चीनी सेना के बीच 15 जून 2020 को हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इस झड़प में चीन को अधिक नुकसान हुआ था और उसके कई सैनिक मारे गए थे। लेकिन चीन ने शुरू में इसे स्वीकार करने में आनाकानी की थी। चीन ने अभी तक इस झड़प को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

चीन द्वारा साझा किये गए गलवान के वीडियो पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया; पीएम मोदी से चुप्पी तोड़ने को कहा

भीषण ठंड के बावजूद भारी सेना तैनात

भीषण ठंड के मौसम में भी, पूर्वी लद्दाख के इलाकों में भारी संख्या में सेना की तैनाती यह बताने के लिए काफी है कि दोनों के बीच स्थिति सामान्य नहीं है। भारत सरकार की ओर से कई बार कहा गया है कि चीन की ओर से सीमा की स्थिति को एकतरफा ढंग से बदलने का प्रयास किया गया हैं, जो विवाद का मूल कारण है।

 

Back to top button