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पिंक सिटी जयपुर में क्यों लगी धारा 144, एक मार्च तक धरने, प्रदर्शन, जुलूस पर रोक

राजस्थान की राजधानी जयपुर में विधानसभा, सचिवालय और सिविल लाइंस सहित इनके आस-पास के मार्गों पर आगामी एक मार्च तक धरना, प्रदर्शन, रैली और जूलुस पर पाबंदी लगा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) भरतलाल मीणा ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए जयपुर में धारा 144 लगाई है। यहां पर पांच या इससे अधिक व्यक्ति एकत्र होकर धरना, प्रदर्शन और रैली नहीं निकाल सकेंगे और लाउड स्पीकर पर भी रोक रहेगी।

जयपुर के इन जगहों पर होगी पाबंदी

– स्टेच्यू सर्कल से राजस्थान विधानसभा तक

– विधानसभा भवन के चारों तरफ

– राजस्थान सचिवालय परिसर के चारों तरफ

– अशोक नगर थाने से तिलक मार्ग, वानिकी पथ, सहदेव मार्ग, सिविल लाइंस रेलवे क्रासिंग से राजभवन सर्कल तक

– राजभवन सर्कल से राममंदिर होते हुए हवा सड़क और राम नगर चौराहे तक

– राजभवन सर्कल से अजमेर रोड टी प्वाइंट होते हुए नाटाणियों का चौराहा से सिविल लाइन पानी की टंकी तक सड़क और फुटपाथ

क्यों लगाई गई पाबंदी?

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) भरतलाल मीणा ने जयपुर में धारा 144 लगाए जाने का कारण भी आदेश में बताया है। भरतलाल मीणा के आदेश के मुताबिक जन शांति भंग के अंदेशे से ये पाबंदिया लगाई गई है। उनके अनुसार देश में आतंकवादी घटनाओं और सचिवालय पर आए दिन कर्मचारियों और विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के धरने, प्रदर्शन, रैली आयोजित होने से जन शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है।

कोरोना भी बना कारण

जयपुर शहर और उसके आस-पास के इलाकों में जिस तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है उसे भी इस पाबंदी की मुख्य वजह माना जा रहा है। जयपुर में पिछले 7 दिन में 200 फीसदी केस बढ़े हैं। जयपुर में कोरोना की संक्रमण दर 7.27 फीसदी है। यह देश में सर्वाधिक है। जयपुर में 29 दिसंबर तक एक्टिव केस केवल 345 थे। लेकिन 3 जनवरी तक ये बढ़कर 1409 हो गए हैं। वहीं पूरे राजस्थान की बात करें तो 29 दिसंबर तक प्रदेशभर में एक्टिव केसेज की संख्य 537 थी। लेकिन 3 जनवरी तक इनकी संख्या बढ़कर 2084 हो गई।

मौजूदा हालात से साफ है कि राजस्थान में संक्रमण बेहद तेजी से फैल रहा है। दूसरी तरफ लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को लेकर लापरवाह हो रहे हैं। हालांकि राज्य सरकार ने अब सख्ती बरतनी शुरू कर दी है । गौरतलब है कि देश की राजधानी दिल्ली में सख्ती होने के कारण बड़ी संख्या में लोग न्यू ईयर सेलिब्रेशन करने के लिये जयपुर आये थे। साल के अंत में देशभर से रिकॉर्ड संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से पर्यटन व्यवसाय को बूम तो मिला लेकिन साथ ही जयपुर में कोरोना संक्रमण भी तेजी से बढ़ा।

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