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वैष्णो देवी हादसा: बम ब्लास्ट जैसी दिल दहलाने वाली थीं भगदड़ की तस्वीरें

चश्मदीद ने किया दावा 12-15 नहीं 30 से ज़्यादा लोगों की हुई है मौत, 15 से ज़्यादा लाशें आँखों के सामने देखा है

वैष्णो देवी धाम के इतिहास में साल 2022 का पहला दिन ब्लैक डे के रूप में दर्ज हो गया है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ नए साल पर मां के दर्शन के लिए पहुंची थी। 31 दिसंबर की रात जैसे जैसे घड़ी 12 बजे के करीब पहुंच रही थी, भीड़ उतनी ही बढ़ती जा रही थी। हालत ये हो गई भीड़ में फंसे लोगों का दम घुटने लगा, लोग दबने लगे, औऱ भीड़ से बाहर निकलने के चक्कर में भगदड़ मच गई।

इधर घड़ी की सुई रात 12 बजे पहुंची और उधर मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया। प्रशासन ने अब-तक 12 लोगों की मौत की पुष्टि की है, लेकिन चश्मदीदों की माने तो मौतों की संख्या कहीं अधिक है। नए वर्ष पर अपनी दोस्तों के साथ वैष्णों देवी के दर्शन करने गईं दिल्ली की एक महिला श्रद्धालु ने जो बताया वो रोंगटे खड़ा करने वाला है।

क्या 30-40 लोग भगदड़ के हुए शिकार?

उन्होंने बताया कि रात करीब 12 बजे हजारों लोगों की भीड़ वीवीआईपी एंट्री गेट नंबर 5 के पास जमा हो गई थी। भीड़ बेकाबू हो रही थी लेकिन उसे काबू करने के लिए वहां कोई नहीं था। वहां मौजूद गार्ड सिर्फ खड़े होकर उस भयावह मंजर को देख रहे थे। उन्होंने बताया कि थोड़ी देर में ही उनका दम घुटने लगा और बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगीं।

वह किसी तरह एक किनारे अभी पहुंची हीं थी कि उस जगह की पूरी तस्वीर ही बदल गई। महिला श्रद्धालु के मुताबिक वहां 10-12 नहीं बल्कि 30-40 लोगों के शव पड़े थे। लग रहा था जैसे कोई बड़े बम धामके के बाद का मंजर सामने आ गया हो।

दशहत के वो 8 घंटे

महिला श्रद्धालु ने बताया कि 31 दिसंबर को शाम 5.30 बजे कटरा के नए रास्ते से गुफा मंदिर के लिए चढ़ाई शुरू की थी और रात 9.30 बजे अर्ध कुंवारी पहुंच गई। लेकिन वहां से उन्हें आगे बढ़ने की जगह नहीं मिल रही थी। ऐसा लगा कि जैसे पूरा देश यहां उमड़ पड़ा हो। किसी तरह हम वीवीआईपी एंट्री गेट नंबर 5 के पास पहुंचे लेकिन वहां से आगे बढ़ना असंभव हो गया।

उन्होंने बताया कि लोग इतनी संख्या मे घायल हुए थे कि करीब 100 बार एंबुलेंस वहां पहुंची और घायलो को वहां से ले जाया गया। यह महिला श्रद्धालु रात करीब 6 घंटे तक वहां फंसी रही और सुबह 6 बजे ही निकल सकी। उस दिन के खौफनाक मंजर को देखकर वो अब भी दहशत में हैं।


हादसे के बाद सुचारू रूप से चल रही वैष्णो देवी यात्रा

उधर प्रशासन के प्रयास से हादसे के कुछ घंटों के बाद ही माता वैष्णो देवी यात्रा फिर सुचारू रूप से शुरू हो गई है। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक 1 जनवरी को दिन में लगभग 27,000 श्रद्धालुओं ने गुफा में माता के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की।

इस हादसे के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर की सरकार और श्राइन बोर्ड दोनों काफी सतर्क हो गए हैं। लेकिन 1 जनवरी को हुए हादसे ने प्रशासन पर सवाल भी जरूर खड़े कर दिए हैं।

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