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कम्प्यूटर बाबा ने मौत को दिया चकमा, पास बैठा शख्स लहूलुहान हो गया, उन्हें कुछ नहीं हुआ

कहते हैं जन्म और मृत्यु ऊपरवाले के हाथ में होती है। उसकी मर्जी के बिना आप न तो मर सकते हैं और न ही इस दुनिया में जन्म ले सकते हैं। यही वजह है कि हमे कई बार ऐसी घटनाएं देखने और सुनने को मिलती है जहां व्यक्ति को मौत छूकर निकल जाती है और उसकी जान बच जाती है। ऐसा ही कुछ मध्य प्रदेश के महामंडलेश्वर कम्प्यूटर बाबा के साथ भी हुआ।

कौन है कम्प्यूटर बाबा?

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कम्प्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। उन्हें कंप्यूटर बाबा का नाम पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उनके तेज दिमाग को देखते हुए दिया था। बाबा जबलपुर जिले के बरेला गांव के रहने वाले हैं। 2018 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से शिवराज सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया था।

लेकिन जब पौधारोपण अभियान में बड़े घोटाले का मुद्दा बना तो कम्प्यूटर बाबा ने बीजेपी का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। इसके बाद कमलनाथ सरकार ने उन्हें नदी संरक्षण प्राधिकरण का प्रमुख बनाया था।

ऐसे मौत छूकर निकल गई

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कम्प्यूटर बाबा कांग्रेस के लिए जगह-जगह जाकर प्रचार-प्रसार भी करते हैं। हाल ही में वे खंडवा उपचुनाव प्रचार करने जा रहे थे। हालांकि इंदौर इच्छापुर हाईवे पर झिरी के पास उनका सामना मौत से हो गया। यहाँ उनकी कार के सामने से एक ट्राला आ रहा था। यह ट्राला अचानक पंचर हो गया और सीधा आकर बाबा की गाड़ी पर जा गिरा। इससे कार बुरी तरह चकनाचूर हो गई।

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बाल-बाल बचे बाबा

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इस हादसे में कम्प्यूटर बाबा को बस मामूली सी चोटें आई। हालांकि उनकी कार चलाने वाला ड्राइवर गंभीर रुप से घायल है। इस दुर्घटना का बाबा के दिमाग पर गहरा सदमा पड़ा। उनका बीपी अचानक बढ़ गया और वे जमीन पर जा गिरे। हालांकि अब उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। बाबा के बचने पर उनके चाहने वाले बड़े खुश हैं।

बाबा ने बताया हत्या की साजिश

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इस हादसे के बाद बाबा का बयान भी सामने आया है। उनके अनुसार ये कोई हादसा नहीं बल्कि उन्हें मारने की सोची समझी साजिश है। बाबा ने कहा कि कोई जानबूझकर उनका मर्डर करना चाहता है। इसलिए वे इस केस की बारीकी से जांच करवाना चाहते हैं। बाबा ने कहा कि “ये दुर्घटना नहीं, मेरे मर्डर का प्लान था। मेरे साथ कार में साधु-संत थे। एक कार भी पीछे चल रही थी।

बताते चलें कि बाबा और उनका जत्था खंडवा उपचुनाव के लिए प्रचार प्रसार करने जा रहा था। वहाँ वे कांग्रेस प्रत्याशी राज नारायण सिंह के पक्ष में प्रचार करने जा रहे थे। हालांकि हादसे की वजह से उन्हें हॉस्पिटल जाना पड़ा।

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