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गो-हत्या, देशद्रोह और गंगा पर बनने जा रहा है सबसे कड़ा कानून, सजा जानकर उड़ जाएंगे होश!

नई दिल्ली – भारत की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियां बदल रही हैं, जिसके कारण अब कुछ नये कानून बनाना जरूरी हो गया है। मोदी सरकार को इस वक्त देश में नई चुनौतियों और विपक्ष के अलग किस्म के हमले का सामना करना पड़ा रहा है। इन सबसे निपटने के लिए विधायिका और न्यायपालिका ने मोदी सरकार को कुछ नए कानून बनाने की सलाह दी है। Modi govt may enact new law.

गो-हत्या :

अंग्रेजी अखबार ‘हफिंग्टन पोस्ट’ की खबर के मुताबिक मोदी सरकार गो-हत्या पर गैर-जमानती अपराध कानून ला सकती है। हैदराबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 और आईपीसी की धारा 429 में संशोधन कर गो-हत्या को गैर-जमानती अपराध बनाया जाए।

देशद्रोह :

सत्ता पक्ष की आलोचना और विरोध लोकतंत्र के अधिकार हैं और किसी भी देश के आधार भी। लेकिन कुछ समय से देश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जो अभिव्यक्ति की आजादी से कहीं ज्यादा देशद्रोह का इशारा करती हैं। इसी को देखते हुए लॉ कमीशन देशद्रोह से जुड़े कानूनों की समीक्षा कर रहा है।

गंगा प्रदूषण :

सरकार की लाख कोशिशों और करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद भी गंगा की स्थिती में सुधार नही हुआ है। इसलिए मोदी सरकार आने वाले दिनों में गंगा को प्रदूषित करने वालों के लिए एक गंभीर अपराध का कानून ला सकती है। केन्द्र द्वारा तैयार ‘द नेशनल रिवर गंगा बिल 2017’ गंगा के प्रदूषण पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है।

चुनाव आयोग :

लोकसभा चुनावों में करारी हार के बाद केजरीवाल और कुछ अन्य नेताओं ने EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाये थे, जिनसे नाराज चुनाव आयोग अब ऐसे लोगों को दंडित करने के लिए अवमानना का मुकदमा चलाने की सोच रहा है। चुनाव आयोग ने आयोग के अधिकार और निष्ठा पर गलत प्रचार करने और सवाल उठाने वालों को दंडित करने का अधिकार देने की मांग की है।

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