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क्या आप भी पारिवारिक समस्याओं से जूझते हुए थक चुके हैं और आते हैं मन में आत्महत्या के ख्याल!

एक आदमी था, जिसे बहुत ज्यादा पारिवारिक समस्याएं थी। वह उन समस्याओं का सामना करते-करते थक चुका था। एक दिन उसने आत्महत्या करने का निर्णय लिया। रात के समय वह काम से देर से घर आया और आते ही बहुत सारी नींद की गोली खाकर सो गया। नींद की गोली शायद मरने के लिए कम थी, इसलिए वह मारा नहीं बल्की गहरी नींद में चला गया। नींद में जाने के बाद उसे एक दिव्य प्रकाश दिखाई दिया।

संघर्ष है जीवन का दूसरा नाम :

प्रकाश के बीच से आवाज आई, बेटा, क्यों तुम आत्महत्या करना चाहते हो? आवाज सुनकर उसे पता चल गया कि शायद यह भगवान की आवाज है। वह गुस्से में था तो उसने ऐसे ही जवाब दे दिया कि मेरे जीवन में अब जीने लायक कुछ बचा ही नहीं है। प्रकाश के बीच से आवाज आयी कि, “बेटा तुम हार क्यों मान रहे हो। जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है, तुम ऐसा क्यों नहीं सोचते। हर किसी के जीवन में संघर्ष है।“

उस व्यक्ति को पोटलियों का एक बहुत बड़ा ढेर दिखाई दिया। दिव्य प्रकाश के बीच से आवाज आई। ये देखो व्यक्ति की परेशानियों की पोटलियां। अगर तुम चाहते हो कि तुम्हारी समस्या सबसे बड़ी है तो तुम किसी और की समस्या से अपनी समस्या बदल सकते हो। लेकिन शर्त केवल यह है कि तुम केवल 2 पोटलियां ही खोलकर देखोगे।

यह सुनकर व्यक्ति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने सुना था कि अमीर व्यक्ति के जीवन में कोई दुःख और समस्या नहीं होती है। यह सोचकर उसने नगर के एक सबसे अमीर आदमी की पोटली खोली। लेकिन वह पोटली को देखकर हैरान हो गया। उसमें भी काफी समस्याएं थी। यह देखकर वह बहुत निराश हुआ और पोटली बंद कर दी। उसने दूसरी पोटली नहीं खोली।

इसके बाद वह भगवान के चरणों में गिरकर रोने लगा। जब वह सुबह जगा तो आंसुओं की वजह से उसका तकिया पूरा भीग चुकी थी। इसके साथ ही उसके जीवन की निराशा भी मिट गयी थी। अब उसे पता चल गया था कि असल में संघर्ष ही जीवन का दूसरा नाम है। हमें अपने दुःख बड़े लगते हैं। लेकिन अगर हम पूरी दुनिया को देखें तो दुनिया में बहुत ज्यादा दुःख है। अगर हम स्वयं को कमजोर ना बनाएं तो जीवन की हर परेशानियों का सामना खुशी-खुशी कर सकते हैं।

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