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लाल किला पर हिंसा करने वाले किसानों को कानूनी मदद व पैसे देगी पंजाब सरकार, कहा- उन्हें पीटा गया

तीन कृषि सुधार कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को किसानों द्वारा दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाली गई थी। इस रैली ने हिंसक रुप ले लिया था और प्रदर्शन करने आए लोगों ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने कई किसानों पर केस दर्ज किया था। वहीं अब खबर है कि दिल्ली पुलिस ने पंजाब के जिन किसानों पर केस दर्ज किया है, पंजाब सरकार उन्हें कानूनी सहायता के साथ-साथ मुआवजा देने का सोच रही है।

पंजाब विधानसभा की ओर से कांग्रेस विधायक कुलदीप वैद की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधायक शामिल हैं। विधानसभा कमेटी के चेयरमैन कुलदीप वैद के अनुसार दिल्ली पुलिस ने किसानों के साथ बहुत ज्यादती की है। उन्हें बुरी तरह से पीटा गया है।

इन्होंने आगे कहा कि कई तो लाल किले की ओर गए भी नहीं थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें भी पकड़ लिया। अभी तक हम 60 किसानों के बयान रिकार्ड कर चुके हैं और 40 के लगभग और के बयान लिए जाने हैं। इनमें से कई किसान गरीब परिवारों से है। उन्हें कानूनी सहायता की जरूरत है। इसके अलावा कमेटी इन्हें मुआवजा देने की भी सिफारिश करेगी। इस बारे में मुख्यमंत्री से भी चर्चा की जाएगी। अभी रिपोर्ट तैयार करने में समय लग सकता है।

आपको बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि तीन कृषि सुधार कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे जिन किसानों की जान गई है। उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। ऐसे 220 किसानों के केस तैयार कर लिए गए हैं और उन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।

हिंसा करने वाले किसान नहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता

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वहीं इस मामले पर बीजेपी का बयान भी आया है। बीजेपी ने अपने बयान में साफ कहा है कि हिंसा करने वाले किसान नहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता है। पार्टी के महासचिव डा. सुभाष शर्मा ने कहा है कि 26 जनवरी को लाल किले पर जाने वाले लोगों की मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी निंदा की थी। लेकिन आज उन्हें कानूनी सहायता और मुआवजा दिया जा रहा है। इन बातों से साफ है कि वे किसान नहीं बल्कि कांग्रेसी थे। हम पहले दिन से ही कहते आ रहे हैं कि इस आंदोलन के पीछे कांग्रेस का हाथ है। जो लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं, वह किसान नहीं कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं।

क्या है पूरा मामला

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गौरतलब है कि 26 जनवरी को तीन कृषि सुधार कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान किया था। किसान नेताओं ने इस परेड के लिए दिल्ली पुलिस से अनुमति मांगी थी। जिसे दिल्ली पुलिस ने स्वीकार कर लिया था। दिल्ली पुलिस ने किसानों को तय रूट पर ही ये रैली निकालने की अनुमति दी थी। लेकिन इसी बीच फिल्म कलाकार दीप सिद्धू की अगुवाई में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पुलिस के तय रूट को छोड़कर लाल किले पहुंच गए।

यहां पर पहुंचकर इन्होंने काफी देर तक हुड़दंग मचाया। पुलिस के साथ मारपीट भी की। इस दौरान भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान जख्मी हुए। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने कई किसानों व युवा प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज किया था। साथ में ही दीप सिद्धू को भी गिफ्तार किया था। जो कि जेल में हैैं।

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