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नोटबंदी – पीएम मोदी के फैसले से अर्थव्यवस्था को हुए फायदे देख उड़ जायेंगे आपके होश!

नई दिल्ली – पीएम मोदी ने जब देश को अचानक अपना नोटबंदी का फैसला बताया था तब से लेकर अब तक सबके मन में यही सवाल है कि आखिर इसका फायदा क्या होगा? दरअसल, पीएम मोदी के इस साहसिक और ऐतिहासिक फैसले से एक ओर तो दिनों-दिनों बढ़ रहे कालेधन पर लगाम लगी है और डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिला है तो वहीं दूसरी तरफ नकली नोटों के कारोबार पर भी रोक लगी है। अब एक रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैन करने के कदम से देश की अर्थव्यवस्था को करीब 5 लाख करोड़ का लाभ हुआ है। यह बात सरकार की एक उच्च स्तरीय आंतरिक आंकलन रिपोर्ट में सामने आयी है। Advantages of noteban.

नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को हुए कई फायदे –

इस रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल जब 8 नवंबर को पीएम ने अचानक नोटबंदी का फैसला लिया था उस वक्त हमारी अर्थव्यवस्था में करीब 17.77 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे। नवंबर 2016 से मई, 2017 के बीच अर्थव्यवस्था में चलन में रहे नोटों का मूल्य करीब 19.25 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी साल अप्रैल में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 14.2 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में हैं।

जिसका मतलब ये हुआ कि इस वक्त अर्थव्यवस्था में नकदी की मौजूगी नोटबंदी के मुकाबले करीब 5 लाख करोड़ रुपये कम है। जिससे पता चलता है कि लोगों के पास रखी नकदी में भी कमी आई है। आपको बता दें कि नगदी के रूप में घर में पड़े पैसों का अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान नहीं होता, लेकिन नोटबंदी के कारण इसमें कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी के कारण टैक्स आधार में वृद्धि, डिजिटल लेनेदेन में वृद्धि, बैंक जमा में बढ़ोतरी और हाउसिंग सेक्टर मजबूत हुआ है।

टैक्स जमा करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि –

Income tax non filers identified

प्रधानमंत्री ने देश को अपने नोटबंदी के फैसले के बारे में बताते वक्त कहा था कि नोटबंदी का फैसला कालेधन और जाली नोटों पर लगाम लगाने और आतंकियों की फंडिंग रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार की ओर से जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक नोटबंदी के कारण भारत का कुल निजी आयकर राजस्व अगले दो वर्षों में बढ़कर दोगुना हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 के लिए टैक्स भरने वाले लोगों की संख्या में 23.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

इसी रिपोर्ट के मुताबिक, नोटबंदी का एक सबसे बड़ा फायदा डिजिटल लेनदेन में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2016-17 में कुल 300 करोड़ का डिजिटल ट्रांजैक्शन किया गया है। वहीं अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 की शुरुआत में डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या 2,500 करोड़ तक हो सकती है। पेटीएम, एसबीआई बडी और फ्रीचार्ज आदि के जरिये रोजाना करीब 200 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हो रहा है।

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